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मध्यप्रदेश में गेहूँ खरीदी ने पार किया 10 लाख मीट्रिक टन का आंकड़ा: खाद्य मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत

भोपाल। मध्यप्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूँ खरीदी तेजी से जारी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि अब तक 1,25,631 किसानों से 10,25,735 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। साथ ही किसानों को उपार्जित गेहूँ का भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अब तक 1,794 करोड़ 82 लाख रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य और बोनस की सुविधा

इस वर्ष गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार द्वारा 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है, जिससे किसानों को कुल 2,600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है।

जिलावार गेहूँ खरीदी के आँकड़े

प्रदेश में प्रमुख जिलों में गेहूँ खरीदी के आंकड़े इस प्रकार हैं:

उज्जैन: 1,93,362 मीट्रिक टन

सीहोर: 1,61,737 मीट्रिक टन

देवास: 90,740 मीट्रिक टन

शाजापुर: 92,613 मीट्रिक टन

इंदौर: 69,558 मीट्रिक टन

भोपाल: 74,075 मीट्रिक टन

राजगढ़: 66,047 मीट्रिक टन

मंदसौर: 42,909 मीट्रिक टन

आगर मालवा: 40,550 मीट्रिक टन

धार: 33,249 मीट्रिक टन

विदिशा: 54,474 मीट्रिक टन

हरदा: 24,045 मीट्रिक टन

खण्डवा: 16,654 मीट्रिक टन

रतलाम: 19,743 मीट्रिक टन

नीमच: 6,362 मीट्रिक टन

नर्मदापुरम: 8,140 मीट्रिक टन

झाबुआ: 5,710 मीट्रिक टन

रायसेन: 14,183 मीट्रिक टन

बैतूल: 2,431 मीट्रिक टन

दमोह: 3,557 मीट्रिक टन

खरगोन: 565 मीट्रिक टन

गुना: 1,057 मीट्रिक टन

सागर: 1,053 मीट्रिक टन

नरसिंहपुर: 221 मीट्रिक टन

छिंदवाड़ा: 185 मीट्रिक टन

अशोकनगर: 119 मीट्रिक टन

सिवनी: 1,313 मीट्रिक टन

सतना: 926 मीट्रिक टन

मंडला: 90 मीट्रिक टन

दतिया: 43 मीट्रिक टन

अलीराजपुर: 24 मीट्रिक टन


पंजीयन की प्रक्रिया और अंतिम तिथि

अब तक 15,09,000 से अधिक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचने के लिए पंजीयन करवा चुके हैं। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 9 अप्रैल निर्धारित की है। इच्छुक किसान इस तिथि तक अपना पंजीयन करा सकते हैं।

किसानों के लिए राहत और समर्थन

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा MSP पर गेहूँ खरीदी किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा साबित हो रही है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को समय पर भुगतान मिले और उनकी उपज का उचित मूल्य दिया जाए। किसानों को उचित लाभ दिलाने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।

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