भोपाल में RCH पोर्टल 2.0 पर 550 से अधिक स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण, मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा सुधार

भोपाल, मध्यप्रदेश । लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा विकसित RCH पोर्टल 2.0 (Reproductive and Child Health Portal 2.0) के नवीन संस्करण के प्रभावी उपयोग के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, भोपाल द्वारा एक विशाल प्रशिक्षण अभियान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के कुल 552 स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
यह प्रशिक्षण अलग-अलग बैचों में कलेक्टर कार्यालय, जिला पंचायत और पीपल्स मेडिकल कॉलेज भोपाल में आयोजित किया गया, जिसमें AIIMS भोपाल, हमीदिया हॉस्पिटल, सुल्तानिया हॉस्पिटल और गैस राहत चिकित्सालय के चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ भी शामिल हुए।
प्रशिक्षित कर्मचारियों की सूची इस प्रकार है:
85 चिकित्सक
217 एएनएम (ANM)
64 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO)
72 नर्सिंग ऑफिसर
24 सुपरवाइजर
90 मल्टी टास्क वर्कर (MTW)
इन सभी को अनमोल मोबाइल एप्लिकेशन एवं RCH वेब पोर्टल 2.0 की विशेषताओं, उपयोग के तरीके और डाटा एंट्री के डिजिटल प्रोसेस की विस्तृत जानकारी दी गई।
क्या है RCH पोर्टल 2.0 और अनमोल ऐप का महत्व?
RCH पोर्टल का नया संस्करण विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं, और नवजात शिशुओं को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की डिजिटल ट्रैकिंग, पंजीकरण और निगरानी को सरल और प्रभावी बनाता है।
नवीन संस्करण की प्रमुख विशेषताएं:
गर्भवती महिलाओं का डिजिटल पंजीकरण
हाई-रिस्क गर्भावस्था की पहचान
प्रसव रिकॉर्ड का रखरखाव
नवजात और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की एंट्री
जिला और राज्य स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग
अनमोल ऐप का प्रयोग करके सेवाओं की रीयल टाइम एंट्री और मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में ठोस कार्य होगा।
योजनाओं का भुगतान अब होगा ई-केवाईसी आधारित
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि अब जननी सुरक्षा योजना और मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना का भुगतान ई-केवाईसी (e-KYC) आधारित किया जा रहा है। इससे पात्र हितग्राहियों को समय पर और सटीक भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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निष्कर्ष: भोपाल जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा RCH पोर्टल 2.0 के प्रशिक्षण से डिजिटल हेल्थ सर्विस डिलीवरी को एक नई गति मिली है। यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन, स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, और मातृ-शिशु कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।





