सीतापुर में सनसनीखेज वारदात: पुजारी ने कुकर्म की खबर छिपाने के लिए पत्रकार की करवाई हत्या, पुलिस ने किया खुलासा

सीतापुर, उत्तर प्रदेश । उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक चौंकाने वाली क्राइम न्यूज सामने आई है, जहां दैनिक जागरण के पत्रकार राघवेंद्र वाजपेई की हत्या के पीछे की असली साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह हत्या एक मंदिर के पुजारी द्वारा रची गई सोची-समझी साजिश थी। पत्रकार ने पुजारी को मंदिर परिसर में एक बच्चे के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था और वह इस घिनौनी हरकत को उजागर करने की तैयारी कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, पुजारी शिवानंद बाबा, जिनका असली नाम विकास राठौर है, ने अपनी प्रतिष्ठा बचाने और खबर को छपने से रोकने के लिए पत्रकार की हत्या की योजना बनाई। पुजारी ने दो पेशेवर शूटरों को 4 लाख रुपये की सुपारी देकर पत्रकार को मौत के घाट उतरवा दिया। यह हृदयविदारक घटना 8 मार्च को घटी थी, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।

सीतापुर पुलिस ने हत्या के इस केस में पुजारी शिवानंद बाबा के साथ-साथ दो अन्य आरोपियों – निर्मल सिंह और असलम गाजी – को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, हत्या में शामिल दोनों शूटर अब भी फरार हैं और उनकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।

पत्रकारों की सुरक्षा पर फिर उठा सवाल

इस पत्रकार हत्या कांड ने प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राघवेंद्र वाजपेई एक सक्रिय और ईमानदार पत्रकार थे, जो स्थानीय अपराध और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते थे। उनकी हत्या इस बात को दर्शाती है कि किस प्रकार सच्चाई को उजागर करने की कोशिश करने वाले पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है।

जांच जारी, SHO का बयान

सीतापुर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुजारी द्वारा करवाया गया यह अपराध न केवल गंभीर आपराधिक मामला है, बल्कि यह धार्मिक स्थानों की आड़ में हो रहे अपराधों पर भी प्रकाश डालता है। पुलिस जल्द ही फरार शूटरों को भी पकड़ने का दावा कर रही है।

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