
भोपाल: आज विवाद की घेराबंदी में रही आर टी ओ, जिसमें मोटर वाहन एक्ट के नए नियमों को लेकर विवाद उभरा है। यह नए नियम स्पष्ट करते हैं कि किसी भी वाहन को खरीदने या बेचने के लिए स्थानीय परिवहन अधिकारी के समक्ष या कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं है। व्यापारियों के मुताबिक, इसका मतलब है कि वे अपने पंजीयन संबंधित कार्य स्वयं या अपने प्रतिनिधि के माध्यम से कर सकते हैं।
इस विवाद में उठे सवालों के बारे में जानने की मांग की गई है कि नए नियम लागू करने का अधिकार किसने दिया और क्या भोपाल आर टी ओ के पास इसको लागू करने की पात्रता है। इस विवाद में विशेष रूप से उच्च स्तरीय अधिकारियों की सुनवाई की मांग की गई है ताकि नए नियमों को लेकर हठधर्मी तरीके से कार्यवाही करने वाले अधिकारियों को ठीक से जांच सके।
आम जनता पार्टी के भोपाल के लोकसभा उपाध्यक्ष प्रदीप खण्डेलवाल ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है और दबाव बनाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और इसे रोकने के लिए जरूरी है कि ऐसे अधिकारी से निपटा जाए।


