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निगम परिषद की बैठक को लेकर पक्ष और विपक्ष गंभीर नहीं ठप पड़ा शहर का विकास

बुरहानपुर । नगर निगम परिषद के चुनाव हुए 2 वर्ष का समय होने को है लेकिन परिषद शहर विकास को लेकर गंभीर नहीं है जल आवर्धन और सीवरेज के काम अधूरे पड़े हैं सड़के जर्जर है सफाई की व्यवस्था ठप है वार्डों में विकास कार्यों पर ब्रेक लगा है कायाकल्प योजना के तहत निर्माण होने वाली सड़कों का कार्य अधूरा है प्रधानमंत्री आवास सामाजिक सुरक्षा पेंशन मुख्यमंत्री कन्यादान निकाह योजना सहित अनेक जनहित योजनाएं बंद है इस पर विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष भी खामोश है पार्षद केवल अपने पद को सुशोभित कर रहे हैं शहर में गरीबी रेखा के सर्वे की मांग लंबे समय से की जा रही है उस पर किसी का ध्यान नहीं इस समस्याओं पर परिषद की बैठक आवश्यक है लेकिन 2 वर्ष में चार बैठक उसमें भी जनहित के मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं शहरवासी अनेक समस्याओं से जूझ रहे पर नगर की सरकार को इस से कोई लेना-देना नहीं वर्षा काल सर पर है प्रमुख नालों के निर्माण और सफाई का कार्य अधूरा है लेकिन चुने हुए जिम्मेदार जन प्रतिनिधि सरकारी वाहनों में पेट्रोल फूंक निगम का घाटा बढ़ाने में लगे हैं शहर की जनता इन प्रतिनिधियों से पूछ रही है जिस काम के लिए उन्होंने वोट दिया वह काम कहां है विपक्ष परिषद की बैठक बुलाने को अनेकों अल्टीमेटम दे चुका अध्यक्ष अपने पद की गरिमा को भूल आयुक्त के समक्ष पहुंच बैठक बुलाने की गोहर लगा चुकी परंतु सत्ताधारी दल है कि सत्ता के नशे में चूर अपने कार्यकाल को पूरा कर सत्ता सुखभोग रहा है क्या शहर की महापौर शहर विकास को लेकर नींद से जागेगी या फिर सब कुछ ऐसा ही —–!

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