संविधान दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी के संदेश का देशभर में स्वागतडॉ. आर. एच. लता ने प्रधानमंत्री को लिखा प्रेरक पत्र

भोपाल। संविधान दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों और प्रथम मतदाताओं के नाम भेजे गए प्रेरणादायी संदेश को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री के राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत पत्र के उत्तर में इंडियन योगिनी एसोसिएशन की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. आर. एच. लता ने एक संवेदनशील और सारगर्भित प्रतिक्रिया प्रेषित की है, जिसे नागरिक कर्तव्य और संविधान की भावना के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।
डॉ. लता ने प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र में लिखा कि उनके संदेश ने देशवासियों के मन में कर्तव्य, समर्पण और राष्ट्रहित की नई चेतना जगाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा नागरिकों पर जताया गया विश्वास न केवल प्रेरणादायी है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सहभागिता का उत्साह भी बढ़ाता है। अपने पत्र में उन्होंने यह संकल्प दोहराया कि देश का प्रत्येक जागरूक नागरिक संविधान, समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और क्षमता के साथ निभाएगा। उन्होंने लिखा कि देश के लिए किया गया प्रत्येक छोटा प्रयास भी भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान बन सकता है।
डॉ. लता ने विशेष रूप से प्रथम मतदाताओं के सम्मान और जागरूकता की प्रधानमंत्री की अपील का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में लोकतंत्र की शक्ति और देशसेवा का भाव जागृत करना समय की आवश्यकता है। संविधान दिवस पर उन्होंने स्वयं एवं देशवासियों की ओर से यह प्रतिज्ञा दोहराई कि, हम जागरूक, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनकर विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में अपना पूरा योगदान देंगे। राष्ट्र के प्रति प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन को उन्होंने समूचे देश के लिए ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत बताया।



