
भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य अधिकारी-कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री को पत्र सौंपते हुए मांग की है कि केंद्र सरकार की तर्ज पर प्रदेश में भी आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाए।
संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि यह मांग कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भीषण महंगाई के बीच कर्मचारियों के हित में आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की है, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा लाभ मिलने वाला है। प्रदेश में भी इसका गठन होने से लगभग 7.50 लाख कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में दोगुना बढ़ोतरी हो सकती है।
पत्र सौंपने वाले प्रमुख कर्मचारी नेता:
इस ज्ञापन को सौंपने वाले नेताओं में अशोक पांडे, इंजीनियर अशोक शर्मा, अनिल बाजपेई, शैलेंद्र निगम, विमलेश रजक, अरुण वर्मा, सुरसुरी पटेल, घनश्याम कटारे, राजू शील यादव, ध्यानेंद्र खरे, राजू सिंह और चांद सिंह शामिल थे।
1989 से शुरू हुई परंपरा
अशोक पांडे ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र के समान वेतनमान का लाभ पहली बार 1989 में मिला था। अब केंद्र द्वारा आठवें वेतन आयोग के गठन की मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के कर्मचारियों में भी खुशी का माहौल है।
संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री से इस मांग पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है ताकि कर्मचारियों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।





