
विवि से नर्सिंग कालेजों को 23-24 , 24-25 सत्र की संबद्धता तक नहीं , बिना संबद्धता के कैसे फैकल्टी का रजिस्ट्रेशन करेंगें ,: रवि परमार
भोपाल । मध्यप्रदेश में नर्सिंग महाघोटाले के बाद भी आयुर्विज्ञान विवि के अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। विश्वविद्यालय ने नर्सिंग कॉलेजों की फैकल्टी की जानकारी मांगी है, जिसके बारे में नर्सिंग घोटाले के व्हिसलब्लोअर और एनएसयूआई नेता रवि परमार ने आरोप लगाया है। विश्वविद्यालय ने बिना फैकल्टी की जांच किए बिना ही नर्सिंग कॉलेजों को संबद्धता (मान्यता) जारी कर दी है।
रवि परमार ने यह भी प्रश्न उठाया कि विश्वविद्यालय ने सत्र 2024-25 के लिए नर्सिंग और पैरामेडिकल के पाठ्यक्रमों के लिए डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली और फैकल्टी के पंजीकरण के लिए जानकारी मांगी है, जबकि मध्यप्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों को 2023-24 और 2024-25 सत्र की मान्यता ही नहीं है।
इसके साथ ही, विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ सचिन कुचिया को ग्वालियर हाईकोर्ट ने गंभीर टिप्पणियों के बावजूद भी परीक्षा नियंत्रक के पद पर जमे होने का आरोप लगाया है।
रवि परमार ने विवि के अधिकारियों पर मप्र सरकार की मंत्री परीषद ( कैबिनेट ) की जनवरी 2024 की बैठक के फैसले को भी विवि के अधिकारियों पर दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व कि कैबिनेट बैठक मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2011 के प्रावधानों में संशोधन की स्वीकृति दी गई थी जिसमें नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थाओं और छात्र- छात्राओं की संख्या में वृद्धि को देखते हुए नर्सिंग एवं पैरामेडिकल विषयो से संबंधित पाठ्यक्रम का संचालन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्थापित अन्य विश्व विद्यालयों के माध्यम से करवाने का निर्णय लिया गया था लेकिन विश्वविद्यालय उसके बावजूद नर्सिंग एवं पैरामेडिकल 2024-25 सत्र के लिए फैकल्टी का रजिस्ट्रेशन कर रहा हैं ।





