
भोपाल। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें जल गंगा संवर्धन अभियान, नर्मदा संरक्षण योजना, औद्योगिक क्षेत्र विस्तार और घुमंतू परिवारों के कल्याण संबंधी निर्णय प्रमुख रहे।
30 मार्च से शुरू होगा जल गंगा संवर्धन अभियान
सरकार ने जल संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाने की घोषणा की।
अभियान के तहत प्रमुख कार्य:
जलस्रोतों का संरक्षण और संवर्धन
सफाई अभियान
शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में चलेगा अभियान
जनप्रतिनिधि, अफसर और सामाजिक संगठन होंगे शामिल
प्रभारी मंत्रियों को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई
ओंकारेश्वर बनेगा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी
कैबिनेट ने ओंकारेश्वर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के गठन को मंजूरी दी। इससे पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
अविरल निर्मल नर्मदा योजना को 124 करोड़ मंजूर
राज्य सरकार ने अविरल निर्मल नर्मदा योजना के लिए 124 करोड़ रुपए मंजूर किए।
योजना अगले 7 साल तक चलेगी।
12 मंडलों में व्यापक पौधारोपण किया जाएगा।
भोपाल में एनसीडीसी के लिए 4 हेक्टेयर जमीन आरक्षित
झागरिया गांव (भोपाल) में केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई।
तुअर का समर्थन मूल्य तय, 1.27 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य
तुअर दाल का समर्थन मूल्य ₹7,650 प्रति क्विंटल तय किया गया। 1.27 मीट्रिक टन की खरीद का लक्ष्य रखा गया।
घुमंतू और अर्ध घुमंतू परिवारों का होगा पंजीयन
सरकार इन परिवारों को चिन्हित कर सर्वे करेगी। सर्वे डेटा के आधार पर रोजगार और सामाजिक कल्याण योजनाएं शुरू की जाएंगी।
इंदौर-पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार
कैबिनेट ने 1,290 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी। इसमें इंदौर के 9 और पीथमपुर के 8 गांवों की भूमि शामिल है। इससे नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को दिए निर्देश
कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को बजट के समुचित उपयोग को लेकर निर्देश दिए। अनुपूरक बजट का 31 मार्च तक उपयोग सुनिश्चित करें। विभागीय बैठकें कर योजनाओं पर फोकस करें।
सरकार के ये फैसले जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और औद्योगिक विकास को नई दिशा देंगे!





