भोपाल रेल मंडल और एनडीआरएफ का संयुक्त आपदा प्रबंधन अभ्यास, सोराई रेलवे स्टेशन पर सफलतापूर्वक संपन्न

रेलवे और एनडीआरएफ ने संयुक्त रूप से किया फुल स्केल एक्सरसाइज़
रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और विशेषज्ञ टीमों ने लिया हिस्सा
ड्रोन कैमरे से संपूर्ण अभ्यास की रिकॉर्डिंग, अत्याधुनिक उपकरणों का निरीक्षण
रेलवे की आपदा प्रबंधन क्षमता और विभागीय समन्वय का किया मूल्यांकन

भोपाल, ।  भोपाल रेल मंडल और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के संयुक्त तत्वावधान में सोराई रेलवे स्टेशन पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने हेतु एक फुल स्केल एक्सरसाइज़ का आयोजन किया गया। इस संयुक्त दुर्घटना अभ्यास का उद्देश्य रेल दुर्घटना के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों का मूल्यांकन करना था।

संभावित रेल दुर्घटना की सजीव प्रस्तुति

इस अभ्यास के दौरान, एक स्लीपर कोच और एक जनरल कोच को दुर्घटनाग्रस्त दिखाया गया, जिसमें जनरल कोच को स्लीपर कोच के ऊपर रखा गया। रेलवे सांस्कृतिक अकादमी के कलाकारों और सिविल डिफेंस के सदस्यों को घायलों की भूमिका में रखा गया, जिससे अभ्यास को वास्तविकता के करीब लाया जा सके।

आपदा प्रबंधन की त्वरित प्रतिक्रिया

सुबह 11:20 बजे गार्ड द्वारा सोराई स्टेशन को दुर्घटना की सूचना दी गई।
स्टेशन मास्टर ने तुरंत यह सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को भेजी।
भोपाल रेलवे स्टेशन से दुर्घटना राहत गाड़ी और मेडिकल वैन रवाना।
खिड़कियों के शीशे तोड़े गए, दरवाजे और छत काटकर यात्रियों को निकाला गया।
फंसे हुए यात्रियों को एयरबैग की सहायता से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
ग्रीन कॉरिडोर बनाकर गंभीर रूप से घायल यात्रियों को अस्पताल पहुंचाया गया।

रेलवे और एनडीआरएफ की टीम ने किया प्रभावी बचाव कार्य

इस अभ्यास में रेलवे और एनडीआरएफ की टीम ने आपसी समन्वय के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन किया। बचाव दल ने स्ट्रेचर, रस्सियों और हाइड्रोलिक उपकरणों का उपयोग करके यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

मेडिकल टीम की तत्परता

रेलवे मेडिकल टीम और डॉक्टरों ने घायलों को प्राथमिक उपचार प्रदान किया। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज, विदिशा के डॉक्टरों ने भी अभ्यास में भाग लिया। घायलों की तत्काल चिकित्सा के लिए “ग्रीन कॉरिडोर” बनाया गया।

यात्रियों के परिजनों के लिए हेल्पडेस्क

रेलवे वाणिज्य विभाग ने यात्रियों के परिजनों को सहायता प्रदान करने के लिए “यात्री सहायता” बूथ स्थापित किए, जिससे दुर्घटना के बाद आवश्यक जानकारी और सहायता आसानी से उपलब्ध कराई जा सके।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया निरीक्षण और समीक्षा

संयुक्त अभ्यास के समापन के बाद, मंडल रेल प्रबंधक  देवाशीष त्रिपाठी और प्रमुख मुख्य इंजीनियर  आशुतोष ने एनडीआरएफ के अत्याधुनिक उपकरणों और रेलवे की दुर्घटना राहत गाड़ी का निरीक्षण किया।

ड्रोन कैमरे से अभ्यास की रिकॉर्डिंग

अभ्यास के दौरान ड्रोन कैमरे से संपूर्ण घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई, ताकि इस अभ्यास से मिली सीख का विश्लेषण कर भविष्य की आपदा प्रबंधन रणनीति को और मजबूत किया जा सके।

वरिष्ठ अधिकारियों के विचार

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने कहा,
“इस संयुक्त अभ्यास से रेलवे की आपदा प्रबंधन क्षमता का बेहतर आकलन हुआ है। इससे सभी विभागों के बीच तालमेल को मजबूती मिली है, जिससे वास्तविक दुर्घटना के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सकेगी।”

इस अभ्यास में रेलवे और एनडीआरएफ के शीर्ष अधिकारी, इंजीनियर, डॉक्टर, सुपरवाइज़र, सांस्कृतिक अकादमी के कलाकार और सिविल डिफेंस के सदस्य शामिल हुए।


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