
मध्यप्रदेश। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पूरे देश को प्रेरित करने वाली एक अनोखी परंपरा मध्यप्रदेश के जड़िया गांव में देखने को मिलती है। यहां हर बच्चे के जन्म पर 111 पेड़ लगाना अनिवार्य माना जाता है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और अब गांव की पहचान बन चुकी है।
पेड़ों और बच्चों का रिश्ता एक साथ बढ़ता है
गांववासियों के अनुसार, जब किसी घर में संतान जन्म लेती है, तो उस खुशी को प्रकृति के साथ साझा किया जाता है। परिवार के लोग 111 पेड़ लगाते हैं, जिनकी देखभाल उसी तरह की जाती है जैसे नवजात शिशु की। इन पेड़ों की सुरक्षा, सिंचाई और पोषण की जिम्मेदारी भी परिवार पर होती है।
पीढ़ियों से चला आ रहा संकल्प
यह परंपरा आज की नहीं, बल्कि पीढ़ियों पुरानी है। जड़िया गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि यह परंपरा उनके पूर्वजों के समय से चली आ रही है। “पेड़ लगाओ, जीवन बढ़ाओ” इस विचार को उन्होंने अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है। यही कारण है कि आज जड़िया गांव हरियाली और स्वच्छ वातावरण के लिए आसपास के क्षेत्रों में जाना जाता है।
पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक चेतना का उदाहरण
आज जहां कई क्षेत्रों में वृक्षारोपण केवल सरकारी अभियानों तक सीमित रह गया है, वहीं जड़िया गांव ने इसे अपने संस्कार और संस्कृति का हिस्सा बना लिया है। इस परंपरा का असर यह हुआ है कि गांव का तापमान तुलनात्मक रूप से कम रहता है, जल स्तर संतुलित है और प्रदूषण बेहद कम है।





