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अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप: डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से रूस-यूक्रेन युद्ध में सीजफायर

वॉशिंगटन/कीव/मॉस्को, । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित व्यवसायी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक कूटनीति में अपनी प्रभावशाली भूमिका दर्ज कराई है। रूस और यूक्रेन के बीच पिछले तीन वर्षों से जारी खूनी संघर्ष को रोकने के लिए ट्रंप की मध्यस्थता में सीजफायर समझौता हुआ है, जिसे युद्धविराम की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

गोपनीय वार्ताओं से बना रास्ता

सूत्रों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले कई हफ्तों से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ गोपनीय संवाद और निजी स्तर पर वार्ताएं कीं। ट्रंप ने दोनों पक्षों को आर्थिक नुकसान, वैश्विक दबाव और मानवीय संकट की गंभीरता समझाई, जिसके परिणामस्वरूप 20 मई को सीजफायर की घोषणा की गई।

सीजफायर की शर्तें और लागू क्षेत्र

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीजफायर फिलहाल उन क्षेत्रों में प्रभावी रहेगा जहां हाल के महीनों में सबसे अधिक सैन्य झड़पें हुई हैं, जैसे डोनेट्स्क, लुहांस्क, और ज़ापोरिज्जिया। दोनों देशों ने संयुक्त निगरानी दल की तैनाती पर भी सहमति जताई है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अमेरिका के पर्यवेक्षक शामिल होंगे।

ट्रंप की भूमिका पर वैश्विक प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि, “यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत कूटनीति भी बड़े संघर्षों को समाप्त करने में प्रभावी हो सकती है।”

व्हाइट हाउस ने हालांकि ट्रंप की भूमिका पर टिप्पणी करने से इनकार किया लेकिन इसे “एक सकारात्मक संकेत” बताया।

यूरोपीय देशों ने भी इसे शांति की दिशा में पहला ठोस कदम करार दिया।


डोनाल्ड ट्रंप का बयान

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” पर कहा:

> “मैंने हमेशा कहा है कि यह युद्ध नहीं होना चाहिए था। अब मैं कह सकता हूं कि यह युद्ध रोका जा सकता है — और रोका गया है।”
“शांति, शक्ति से आती है, और हमने इसे सिद्ध कर दिखाया है।”

विश्लेषण: क्या यह स्थायी शांति की शुरुआत है?

राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि भले ही यह सीजफायर एक अस्थायी राहत हो, लेकिन यह विश्व राजनीति में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी और वैश्विक प्रभाव को भी दर्शाता है। यह पहल 2024 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के बाद उनके बढ़ते अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और कूटनीतिक हस्तक्षेप की झलक देती है।

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