एमसीयू में प्रतिभा 2025 का भव्य शुभारंभ, पद्मश्री डॉ. कपिल तिवारी बोले— “जो आत्मा को झकझोर दे, वही है सच्चा ज्ञान”

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) में शुक्रवार, 4 अप्रैल को दादा माखनलाल चतुर्वेदी जयंती के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान एवं प्रतिभा 2025 के उद्घाटन समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे पद्मश्री डॉ. कपिल तिवारी, जो भारतीय ज्ञान परंपरा और लोक संस्कृति के गहरे मर्मज्ञ माने जाते हैं।
गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार में आयोजित इस भव्य आयोजन की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति विजय मनोहर तिवारी ने की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की नई वेबसाइट का पुनः शुभारंभ (री-लॉन्च) किया गया, साथ ही एमसीयू से प्रकाशित होने वाले दो समाचार पत्र—”विकल्प” एवं “पहल” का विमोचन भी किया गया।
भारत की ज्ञान परंपरा पर डॉ. कपिल तिवारी का प्रेरक व्याख्यान
“भारत: ज्ञान परंपरा की भूमि” विषय पर बोलते हुए पद्मश्री डॉ. कपिल तिवारी ने कहा “ज्ञान केवल सूचना नहीं, आत्मा का जागरण है। जो विचार या अनुभव मन को झकझोर दे, वही वास्तविक ज्ञान है।” उन्होंने आधुनिक शिक्षा प्रणाली की सीमाओं पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि “हमारे देश में 90 प्रतिशत युवा अपनी क्षमताओं और जीवन के उद्देश्य को पहचान ही नहीं पाते। शिक्षा का मूल उद्देश्य होना चाहिए— मनुष्य को उसकी प्रकृति और प्रतिभा के अनुरूप मार्गदर्शन देना।”
डॉ. तिवारी ने भारतीय वैचारिक परंपराओं जैसे अद्वैत वेदांत, बौद्ध दर्शन, लोक परंपराएं और जनजातीय जीवन का संदर्भ देते हुए कहा कि “ज्ञान किसी जाति या वर्ग की बपौती नहीं, यह सूर्य की रोशनी की तरह सभी के लिए है।”
“एमसीयू आत्मबोध और सामाजिक चेतना की प्रयोगशाला है”: कुलपति विजय मनोहर तिवारी
विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि एमसीयू केवल डिग्री प्रदान करने वाली संस्था नहीं, बल्कि यह एक आत्मबोध और सामाजिक चेतना की प्रयोगशाला है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा “हर विद्यार्थी को यह सोचना चाहिए कि वह यहाँ क्यों आया है और जीवन का असल उद्देश्य क्या है।” उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे प्रत्येक माह छात्रों से सीधे संवाद करेंगे और कक्षाओं में स्वयं भी उपस्थित रहेंगे।
प्रतिभा 2025 का शुभारंभ और खेल प्रतियोगिताएं
एमसीयू की वार्षिक सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिता “प्रतिभा 2025” का शुभारंभ भी इसी अवसर पर किया गया। क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत वरिष्ठ खेल पत्रकार अक्षत शर्मा की उपस्थिति में हुई। खिलाड़ियों को कुलपति विजय मनोहर तिवारी ने शुभकामनाएं दीं।
खेल समन्वयक डॉ. सतेंद्र डहेरिया, सह-समन्वयक डॉ. मनोज पटेल और अनेक शिक्षकगण भी इस आयोजन में उपस्थित रहे।
अन्य आयोजन और संचालन
कार्यक्रम का संचालन श्री विवेक सावरीकर एवं डॉ. अरुण कुमार खोबरे ने किया। सांस्कृतिक संयोजन का दायित्व डॉ. उर्वशी परमार ने निभाया और आभार प्रदर्शन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अविनाश वाजपेयी द्वारा किया गया।









