
भोपाल । एम्स भोपाल में फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी (FMT) तथा साइकियाट्री विभाग के सहयोग से “ड्रग्स ऑफ एब्यूज़” विषय पर छात्र सेमिनार का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक बनाना और व्यसनमुक्ति के सिद्धांतों से अवगत कराना था।
यह कार्यक्रम एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में हुआ, जिसमें फैकल्टी मेंबर्स, सीनियर और जूनियर रेजिडेंट्स, तथा एमबीबीएस छात्रों ने भाग लिया।
सेमिनार की मुख्य विशेषताएं:
छात्रों की प्रस्तुति: अंडरग्रेजुएट छात्रों ने जोड़ियों में मिलकर विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतिकरण दिए।
चर्चा के विषय: निकोटीन, कैनाबिनोइड्स, एम्फेटामिन, कोकीन, हैल्यूसिनोजेन्स, इनहेलेंट्स, वेपिंग, कैफीन और व्यसनमुक्ति के सिद्धांत।
इंटरैक्टिव क्विज: छात्रों ने रोचक क्विज का आयोजन किया, जिससे जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाया गया।
प्रस्तुतिकरण में विजयी छात्र:
प्रथम स्थान: मयंक और चार्वक
द्वितीय स्थान: अंचित और क्रिश
तृतीय स्थान: युविका और सुज़ान
वरिष्ठ फैकल्टी और अतिथि विशेषज्ञों की भागीदारी:
प्रस्तुतिकरणों का मूल्यांकन तीन सदस्यीय जूरी ने किया, जिसमें शामिल थे:
प्रो. बालकृष्ण एस (फार्माकोलॉजी विभाग)
प्रो. रतींदर झाज (फार्माकोलॉजी विभाग)
प्रो. शिल्पा एन. काऊरे (फार्माकोलॉजी विभाग)
इसके अलावा, एफएमटी विभाग की प्रो. जयंती यादव, डॉ. अतुल केचे और साइकियाट्री विभाग के सहायक प्रो. तन्मय जोशी ने कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया और नशे की लत के सामाजिक और मानसिक प्रभावों पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
एम्स भोपाल का संकल्प: नशा मुक्त समाज
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा:
“नशे की लत से जागरूकता बढ़ाना एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। यह पहल छात्रों को न केवल खुद सही निर्णय लेने में मदद करेगी, बल्कि वे दूसरों को भी प्रेरित कर सकते हैं।”





