
धार, मध्य प्रदेश: धार लोकसभा क्षेत्र में चुनावी समर अपने चरम पर है, जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपनी-अपनी जीत के लिए जोर-शोर से प्रचार में लगे हैं। भाजपा ने अपने प्रचार के लिए भारी भरकम नामों का सहारा लिया है, जबकि कांग्रेस ने स्थानीय नेतृत्व पर भरोसा जताया है।
भाजपा ने अपने वरिष्ठ सांसद छत्तर सिंह दरबार का टिकट काटकर पूर्व सांसद सावित्री ठाकुर को मैदान में उतारा है, जिससे छत्तर सिंह दरबार की नाराजगी साफ नजर आ रही है। इस बीच, कांग्रेस के राधेश्याम मुवेल को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का पूरा समर्थन प्राप्त है।
उमंग सिंघार की सक्रियता ने कांग्रेस के प्रचार में नई जान फूंकी है, और उनके नेतृत्व में पार्टी ने धार में अपनी उम्मीदें जगाई हैं। वहीं, भाजपा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जैसे बड़े नामों ने प्रचार किया है।
आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित इस क्षेत्र में भील और भिलाला समाज कांग्रेस की ताकत बनकर उभरे हैं, जबकि भाजपा को पाटीदार, सिरवी, जाट और ब्राह्मण समाज का समर्थन प्राप्त है। इस बीच, आदिवासी संगठन जयस की चुनावी सीन से अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े किए हैं।
धार में चुनावी प्रचार का यह दौर न केवल दो प्रमुख दलों के बीच की टक्कर को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि राजनीतिक दलों की रणनीति और जनता का समर्थन किस तरह चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। इस चुनावी महासंग्राम में अंतिम परिणाम क्या होगा, यह तो समय ही बताएगा।



