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मध्य प्रदेश के 8 लाख आउटसोर्स कर्मचारी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित, आयुष्मान योजना में शामिल करने की मांग

भोपाल। मध्य प्रदेश की विभिन्न अर्ध-शासकीय संस्थाओं में कार्यरत आउटसोर्स के दैनिक वेतनभोगी लगभग 8 लाख कर्मचारी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। सेमी गवर्नमेंट एम्प्लॉई फेडरेशन के अध्यक्ष अनिल बाजपेई ने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें:

सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाए।
सरकार बीमा योजना के तहत इन श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराए।
श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से बीमा और चिकित्सा सुविधाओं को सुनिश्चित किया जाए।

स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में मौतें

संघ के अनुसार, हर साल करीब 100-200 कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण जान गंवा देते हैं। जबकि मध्य प्रदेश सरकार अन्य कर्मचारियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दे रही है, आउटसोर्स कर्मचारियों को अभी तक इन योजनाओं में शामिल नहीं किया गया है।

भोपाल में बैठक कर हुआ बड़ा फैसला

भोपाल में हुई एक अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री को इस संबंध में औपचारिक पत्र भेजा जाएगा। बैठक में श्याम सुंदर शर्मा, यस यस पटेल, डी. एन. शुक्ला, रामदीन छबिलाल पटेल, चिंतामणि रंग डाले, श्यामलाल शर्मा, देवेंद्र ठाकुर, अविनाश जैन, अनिल पुरोहित, गोलू यादव, मुकेश कुशवाहा, धीरेंद्र शर्मा और मुकेश साहू सहित कई कर्मचारी नेता शामिल हुए।

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