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मलैगंवा  गौशाला में चारा भूषा के नाम पर भ्रष्टाचार

27जून को 1लाख 70हजार का फिर  फर्जी दस्तावेज से हुआ बंदरबांट         

हनुमना । विकासखंड हनुमना अंतर्गत गौशालाओं एवं ग्राम पंचायतों में बिना किसी काम के ही राशि का आहरण कर बंदरबांट के मामले आये दिन  सामने आते ही रहते है लेकिन सरपंच सचिव एवं सी ई ओ की मिलीभगत के चलते अधिकांश मामले जनपद के आगे पहुंच ही नहीं पाते । ताजा मामला ग्राम पंचायत मलैगवां का सामने आया है जिसमे चारा भूषा के नाम पर लाखों रुपए ग्राम पंचायत में निकाल लिए गए हैं जिसकी सूचना एसडीएम एवं जनपद पंचायत सीईओ को भी दी गई है परंतु अभी भी कार्यवाही लंबित है पीसीओ एवं अन्य द्वारा जांच की जा रही है गौशाला में हिसाब देखने के नाम पर भी पंचायत पर कोई भी  दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो रहे उपरोक्त गौशाला में गत समय में भी कई शिकायते मिल चुकी है पर कारवाही अभी भी न होने से इसका बुरा असर खेती करने वाले किसानों एवं पशुओं के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। गौशाला के नाम पर दिनांक 27। जून 2023 को 1 लाख 70 हजार रूपए भरत ट्रेडर्स के नाम पर भुगतान कर दिया गया जबकि  जून महीने में न तो गौशाला संचालित थी और न ही भूषा चारे का क्रय किया गया सबसे बड़ी बात यह है कि भरत ट्रेडर्स द्वारा भूषा चारा का विक्रय भी नही किया जाता इसके अतिरिक्त सरपंच द्वारा अपने पुत्र अशोक के नाम पर भी भूषा के नाम से भुगतान किया गया जो की संदेह युक्त है इसके अलावा मरम्मत एवं अन्य कार्य दिखा कर भी लाखो रुपए का चूना सरकार को लगाया जा रहा है गौशाला का मोटर पंप बाउंड्री वॉल की भी शिकायत दर्ज है पर अभी भी कार्यवाही लंबित है एक अन्य कार्यवाही में थाना हनुमना द्वारा 06 मई 2024 को 33 नग गौवंश को जब्त कर इसी गौशाला में रखे गए जिसे सरपंच पति राजकरण साकेत द्वारा पावती दी गई जिसमे कुछ ही दिन में संबंधित गौवंश गायब हो गए जिस पर पुलिस प्रशाशन द्वारा कार्यवाही किए जाने की सूचना है  उपरोक्त विषय में जब विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी हनुमना डॉ के के गुप्ता द्वारा एसडीएम एवं थाने में सूचना दी गई तो सरपंच पति द्वारा हरिजन एक्ट लगाने की धमकी भी दी गई जिसमे 12 जून को जनपद सीईओ कार्यालय के सामने झीना झपटी सरपंच पति राजकरण साकेत द्वारा की गई जिसकी सूचना पशु चिकित्सक द्वारा कलेक्टर एसडीएम एवं थाना प्रभारी हनुमाना को भी दी गई ज्ञात हो की गौशाला विषय की अनियमितता की जानकारी  विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा पूर्व में भी की गई थी परंतु कार्यवाही न होने से सरपंच पति के हौंसले बुलंद हैं प्राप्त सूचना अनुसार विकासखंड में 21 गौशाला संचालित रही हैं जिसमे शासन स्तर पर लगातार काम किया जा रहा है किंतु ऐसी घटनाओं से अधिकारियों का काम करना मुश्किल होता रहेगा।

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