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पहाड़ चढ़ना कठिन नहीं उस पर चलने की सोचना ही असली साहस- मेघा परमार

प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में एमपी की पहली महिला पर्वतारोही मेघा परमार ने बच्चो को किया प्रोत्साहित
भोपाल । बरखेड़ा भेल स्थित सीएम राइज स्कूल में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में एमपी की पहली महिला पर्वतारोही मेघा परमार ने बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया, इसके साथ ही उन्होनें बच्चों के साथ अभिभावकों को भी समाज और प्रदेश में उनकी जिम्मेदारी की भूमिका बताई। सीएम राइज शासकीय महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित प्रवेशोत्सव और मेधावी छात्रों का सम्मान कार्यक्रम में माउंट एवरेस्ट फतेह करके विश्व जगत में एमपी का नाम रोशन करने वाली मेघा परमार ने अपने विचार व्यक्त किए। 19 जून मंगलवार को बरखेड़ा भेल में स्थित स्कूल के सभागार आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होने कहा कि काम करो ऐसा कि पहचान बन जाए, हर कदम रखो ऐसा कि निशान बन जाएं, यहां जिंदगी तो हर कोई जीता है, पर तुम ऐसा करना कि मिसाल बन जाए। इस अवसर पर सीहोर के ग्रामीण अंचल में शिक्षा हासिल करने वाली और समाज की विसंगतियों के पहाड़ को चीरकर मेघा परमार ने कैसे माउंट एवरेस्ट फतेह किया, वह भी उन्होंने बच्चों को बताया। उन्होंने बच्चों से कहा कि जीवन के हर मोड़ पर कभी न कभी एक समय ऐसा समय जरुर आता है, जब हमें निर्णय लेना होता है। उस वक्त संकोच नहीं साहस भरा कदम आपको सफलता के शिखर पर पहुंचाने में कारगर होगा। मेघा परमार ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की तरफ से किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यमवर्गीय और सामान्य परिवार के लिए सीएम राइज, पीएम श्री, एक्सीलेंस स्कूल के कांस्पेट ने हम जैसे लोगों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच दिया है। इस पल को बिना गंवाए अपने पसंदीदा क्षेत्र में हुनर दिखाएं। मेघा परमार ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए बुरे क्षण को भूलने की तकनीक भी बताई। इस अवसर पर स्कूल की प्राचार्या हेमलता परिहार ने कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों के अभिभावकों को सीएम राइज स्कूल की विशेषता भी बताई। उन्होंने बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि निकट भविष्य में वे बरखेड़ा भेल में स्थित इस स्कूल के नाम को विश्व विख्यात बनाना चाहती हैं। जिसके लिए बच्चों के अलावा अभिभावकों से भी भरपूर सहयोगी की अपेक्षा उन्होंने की। कार्यक्रम के समापन में कक्षा आठवीं से लेकर बारहवीं तक के मेधावी छात्रों और खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह के अलावा प्रशस्ति पत्र सौंपकर सम्मानित किया। सीएम राइज स्कूल भेल में पदस्थ शिक्षकों का भी कार्य मूल्यांकन करके अच्छा प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्राचार्य हेमलता परिहार ने प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह दिया गया। कार्यक्रम के समापन में बच्चों और अभिभावकों ने मेघा परमार से बेहद आकर्षक और चुटीले प्रश्न भी पूछे। जिसमें एक छात्र ने उनसे पूछा था, कि माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए 25 लाख रुपए क्यों लगते हैं। जबकि एक अभिभावक ने उनसे सवाल पूछा कि अब वह शादी कब करेंगी। इस गुदगुदाते क्षण के पश्चात कई बच्चों और अभिभावकों के साथ-साथ मेघा परमार के साथ सैल्फी लेने की होड़ भी मच गई। मेघा परमार ने प्राचार्य हेमलता परिहार को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बच्चों से संवाद करने का अवसर मुहैया कराने के लिए साधुवाद दिया। उन्होंने स्कूल को अपनी पुस्तक भी उपहार में भेंट की।

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