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छतरपुर: रेंजर रजत तोमर पर भारी घोटाले और अतिक्रमण के गंभीर आरोप

हजारों एकड़ जमीन पर अतिक्रमण और लाखों रुपए का घोटाला

छतरपुर। वन मंडल छतरपुर में पदस्थ रेंजर रजत तोमर पर विभागीय स्तर पर लाखों रुपए के घोटाले के आरोप लगे हैं। रेंजर तोमर, जो वर्तमान में वन परिक्षेत्र बाजना में तैनात हैं, ने किशनगढ़ क्षेत्र के वन माफिया से मिलकर बाजना वन परिक्षेत्र की जुनवानी और रामगढ़ बीट में चंडी माता मंदिर के पास हजारों एकड़ वन भूमि पर अतिक्रमण करवा दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस अतिक्रमण के एवज में रेंजर तोमर ने लाखों रुपए लिए हैं।

डीएफओ का संरक्षण

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, छतरपुर डीएफओ का रेंजर तोमर पर खुला संरक्षण है। अवैध कमाई का हिस्सा डीएफओ तक पहुंचाया जाता है। बाजना में रहते हुए रेंजर को छतरपुर रेंज का अतिरिक्त चार्ज भी दिया गया है। छतरपुर और नौगांव में संचालित आरा मशीनों से निरीक्षण के नाम पर मासिक शुल्क लिया जाता है। फर्नीचर संचालकों के अनुसार, रेंजर को हर माह रुपए देने पड़ते हैं।

अवैध लकड़ी का निरीक्षण

कुछ दिनों पहले ही रेंजर तोमर ने नौगांव की आरा मशीनों पर निरीक्षण की कार्यवाही की थी। इस कार्रवाई में अवैध लकड़ी पाई गई, लेकिन रेंजर ने फील्ड करके कोई भी कार्रवाई नहीं की। यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि निरीक्षण के नाम पर ली गई राशि का सही उपयोग नहीं हुआ।

उच्च स्तरीय जांच की मांग

रेंजर रजत तोमर की कथित अनैतिक गतिविधियों और घोटालों की उच्च स्तरीय जांच की संभावना व्यक्त की जा रही है। इस जांच से यह सिद्ध हो जाएगा कि निर्माण कार्य में कितने बड़े स्तर पर घोटाले और अनैतिक कार्य किए गए हैं।

रेंजर रजत तोमर पर लगे इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर, यह आवश्यक है कि निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों को सजा मिले। वन माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ को समाप्त करना वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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