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ब्रेकिंग भोपाल: 51 सूत्रीय मांगों को लेकर शासकीय कर्मचारी फिर आंदोलन की राह पर

भोपाल ।।मध्य प्रदेश में शासकीय कर्मचारी अपनी 51 सूत्रीय मांगों को लेकर आज से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। कर्मचारी भोजन अवकाश के दौरान अपने-अपने कार्यालयों में प्रदर्शन करेंगे, जबकि राजधानी भोपाल में मंत्रालय के बाहर आंदोलन का आयोजन होगा। इस दौरान कर्मचारी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।

आंदोलन की प्रमुख बातें:
आंदोलन का चरणबद्ध स्वरूप:
यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे चुके हैं।

मुख्य मांगें:

1. पदोन्नति पर लगी रोक हटाना।
2. 3% महंगाई भत्ता और महंगाई राहत केंद्रीय दर पर देना।
3. वाहन और गृह भाड़ा भत्ता बढ़ाना
4. सीपीसीटी का बंधन समाप्त करना।
5. नियुक्ति के बाद परिवीक्षा अवधि को पूर्व की तरह 2 वर्ष करना।
6. वाहन चालकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदनाम में बदलाव।
7. पेंशन के लिए अहर्तादायी सेवा अवधि को 25 वर्ष करना।
8. लिपिकों की वेतन विसंगतियां दूर करना।
9. शिक्षकों, पटवारियों, वन कर्मियों और संविदा कर्मियों की विभिन्न मांगें।

भोपाल में प्रमुख प्रदर्शन स्थल
राजधानी भोपाल में शासकीय कर्मचारी मंत्रालय के बाहर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। आंदोलन के पहले चरण में अधिकारी और कर्मचारी मंत्रालय एवं अन्य सरकारी कार्यालयों में प्रदर्शन करेंगे।

आंदोलन से जुड़े कर्मचारी संगठन
इस आंदोलन का नेतृत्व राज्य के विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा किया जा रहा है। इसमें शिक्षक संघ, पटवारी संघ, वन कर्मचारी संघ सहित कई अन्य संगठनों का समर्थन शामिल है।

क्या है सरकार का रुख?
सरकार ने अब तक इन मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है। हालांकि, कर्मचारियों के बढ़ते विरोध के कारण जल्द ही बातचीत की संभावना जताई जा रही है।

चरणबद्ध आंदोलन का असर
यदि सरकार कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा नहीं करती, तो इससे प्रदेश के प्रशासनिक कार्यों पर बड़ा असर पड़ सकता है। खासकर शिक्षा, राजस्व, और वन विभाग में कामकाज ठप होने की संभावना है।


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