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भोपाल में किताब और यूनिफॉर्म माफिया पर शिकंजा, स्कूल शिक्षा विभाग ने गठित की विशेष जांच समिति

मध्यप्रदेश शासन ने स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर जबरन किताबें और ड्रेस खरीदवाने की शिकायतों पर लिया संज्ञान

भोपाल, । मध्यप्रदेश के स्कूलों में किताब और यूनिफॉर्म माफिया के बढ़ते प्रभाव पर रोक लगाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल ने बड़ा कदम उठाया है। 1 अप्रैल 2024 को जारी शासन के पत्र क्रमांक 550/744/2018/20-3 के तहत भोपाल जिले में अशासकीय स्कूलों द्वारा अभिभावकों को दुकानों विशेष से पुस्तकें, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किए जाने की शिकायतों पर जांच के आदेश दिए गए हैं।

इस आदेश के तहत जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के नेतृत्व में कुल 6 निरीक्षण दल गठित किए गए हैं, जो भोपाल के सभी प्रमुख क्षेत्रों में स्कूलों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण करेंगे।

क्या है मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, भोपाल के कई निजी स्कूल अभिभावकों को तय दुकानों से ही महंगी पाठ्यपुस्तकें, स्टेशनरी और ड्रेस खरीदने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से बाध्य कर रहे हैं। इससे ना केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि स्कूल-किताब माफिया के व्यापार को भी बल मिलता है।

कहां-कहां होगी जांच?

इन निरीक्षण दलों को एम.पी. नगर, टी.टी. नगर, कोलार, बैरागढ़, गोविंदपुरा, बैरसिया और अन्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की गतिविधियों की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रमुख अधिकारी और सदस्य

प्रत्येक टीम का नेतृत्व संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (SDO) करेंगे। इनके साथ तहसीलदार, सरकारी स्कूलों के प्राचार्य और BRC (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) जैसे वरिष्ठ शैक्षणिक अधिकारी टीम में शामिल किए गए हैं।

कुछ प्रमुख नाम:

श्री लक्ष्मीकांत खरे (एसडीओ, एम.पी. नगर)

श्री अर्चना शर्मा (एसडीओ, टी.टी. नगर)

श्री रविशंकर राय (एसडीओ, कोलार रोड)

श्री दीपक पाण्डेय (एसडीओ, शहर वृत्त)

श्री आदित्य जैन (एसडीओ, बैरागढ़ वृत्त)

श्री रवीश श्रीवास्तव (एसडीओ, गोविंदपुरा)

श्री विनोद सोनकिया (एसडीओ, हुजूर)

श्री आशुतोष शर्मा (एसडीओ, बैरसिया)


उद्देश्य और कार्रवाई की दिशा

इस निरीक्षण अभियान का उद्देश्य है:

निजी स्कूलों द्वारा की जा रही अनियमितताओं की पहचान

अभिभावकों पर डाली जा रही खरीद की बाध्यता को समाप्त करना

शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करना


यह कदम भोपाल किताब और ड्रेस घोटाले की रोकथाम में एक मजबूत पहल माना जा रहा है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।


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