
भिंड । नगर दबोह में भूमाफियाओं द्वारा अतिक्रमण की गई भूमि को दुर्गम योजना के तहत मुक्त करने के लिए भिंड कलेक्टर द्वारा एक महत्वपूर्ण मुहिम चलाई जा रही है। इस मुहिम के तहत नगर के लोग भी समर्थन दे रहे हैं।
नगर दबोह के लोगों के अनुसार, यह सबसे बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान है, जिसमें प्रशासन द्वारा सीमाकंन चिन्हित भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया जा रहा है। इस अभियान के तहत सर्वे नम्बर 763 और 767 की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया जा रहा है। यह कदम नगर के विकास के लिए महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस भूमि को एक मील का पत्थर साबित कर सकता है।
इस अभियान में शिक्षा विभाग के दानार्थी कुंरचानिया परिवार ने भूतकाल में नेक उद्देश्य से शिक्षा विभाग को यह भूमि दान की थी। इसका सकारात्मक सार्थक उद्देश्य नगर में शिक्षा के उत्थान के लिए था।
हालांकि, दंबग भूमाफियाओं द्वारा इस भूमि पर अवैध तरीके से कब्जा किया जा रहा है और उसका उपभोग बर्षों से निजी स्वामित्व के रूप में किया जा रहा है। इसके बावजूद, दानार्थी परिवार ने न्यायालय की शरण ली और इस भूमि को दंबग भूमाफियाओं से मुक्त करवाने के लिए न्यायालय के माध्यम से लडी थी लेकिन खुशी की बात यह है कि इनकी अब लगभग लगभग यह लड़ाई जीत की ओर अग्रसर है।
भिंड कलेक्टर की अनुशंसा पर उक्त भूमि के सीमाकंन हेतु अनुविभागीय अधिकारी लहार के दिशा निर्देश पर तहसील दार, नायब तहसील दार और पटवारियों की बड़ी टीम,गठित की गयी है जो पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग के सयुक्त दिशा निर्देशन में इस अतिक्रमण हटाओ मुहिम को अंजाम देगी*
उक्त दानार्थ भूमि को दंबगो से मुक्त करवाने के लिए हाई टेक्नोलॉजी की उमंदा मशीनों के साथ सीमाकंन किया जायेगा इसके साथ साथ पुराने दबोह के सीमाकंन नक्शा का भी उपयोग किया जायेगा जिसमें आज से सौ डेढ सौ साल पुराने दबोह की झलक आयेगी सामने और जिसमें हमारे नगर के बुद्धिजीवी पूर्वजों द्वारा बनाये गए दबोह प्रतीक चिह्न होगे उजागर जो दबोह की पहिचान बनाने के उद्देश्य से उस समय बनाये गये थे।
इस भूमि पर दंबगई हर संभव कोशिश करने की फिराक में जुटे है कि यह अतिक्रमण विरोधी मुहिम को कैसे रोकी जा सके और प्रशासन की आंड में कार्य करने वाले गुप्त कर्मचारी भी प्रभावित करने का हर संभव प्रयास करेगे । इसलिए नगर को सीमाकंन से ज्यादा उक्त भूमि पर अतिक्रमण हटने का विशेष इंतजार है कि आखिर कार वह दिन कब आयेगा जब दिवंगत आत्मा जिसमें एक नेक उद्देश्य के लिए अपनी बेशकीमती भूमि नगर के आने वाले बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए दान दी थी जो भूमाफिया के धृणित अतिक्रमण कारी सोच की भेट चढ गयी।





