
प्रशंसकों को रोहित ब्रिगेड से है इतिहास दोहराने की उम्मीद
नई दिल्ली । भारत ने पहली और आखिरी बार 2007 में टी20 वर्ल्ड कप जीता था। इसके बाद से 7 टी20 वर्ल्ड कप खेले गए, लेकिन खिताब भारत से दूर ही रहा। भारतीय टीम जब रोहित शर्मा की अगुआई में आगामी टी20 विश्व कप के लिए अमेरिका और वेस्टइंडीज जाएगी तो उसकी नजरें दूसरे खिताब के लंबे इंतजार को खत्म करने पर टिकी होंगी।
टी20 वर्ल्ड कप पहली बार 2007 में खेला गया, जब भारत एमएस धोनी की कप्तानी में चैंपियन बना। भारत इसके बाद सिर्फ एक बार 2014 में टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच पाया। तब उसे श्रीलंका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। खिताब का यह सूखा अन्य फॉर्मेट में भी दिखता है। भारत ने आखिरी बार आईसीसी ट्रॉफी 2013 में जीती थी। तब उसने चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। भारत ने वनडे वर्ल्ड कप में पिछला खिताब 2011 में जीता था। भारतीय टीम इसके बाद एक बार वनडे वर्ल्ड कप और दो बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी हार चुकी है। एक अरब 40 करोड़ की जनसंख्या वाले क्रिकेट के दीवाने देश के क्रिकेट फैंस के लिए वर्ल्ड कप 2023 की हार पचा पाना आसान नहीं था क्योंकि टीम इंडिया अपने सभी 10 मैच जीतकर फाइनल में पहुंची थी। भारतीय टीम अब 5 जून से रोहित शर्मा की अगुवाई में टी20 वर्ल्ड कप में अपने अभियान का आगाज करेगी। यह रोहित और विराट कोहली का आखिरी टी20 वर्ल्ड कप भी हो सकता है।
रोहित अब तक सभी टी20 विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं जबकि 2012 में इस टूर्नामेंट में पदार्पण करने वाले कोहली छठी बार इसमें शिरकत करेंगे। विराट कोहली ने टूर्नामेंट में 27 मैच में 131.30 के स्ट्राइक रेट और 81.50 के औसत से 1141 रन बनाए हैं। रोहित के नाम 39 मैच में 127.88 के स्ट्राइक रेट से 963 रन दर्ज हैं। रोहित और कोहली ने 2022 टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के बाद से भारत के लिए कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। बता दें कि इंडियन प्रीमियर लीग टी20 क्रिकेट की सबसे पॉपुलर और सबसे अधिक देखी जाने वाली लीग है। इसके बावजूद भारतीय टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर वैसी कामयाबी हासिल नहीं कर पाई है, जैसी उम्मीद की जाती है।



