Featured

महिला की भजन गाते हुई दर्द रहित प्रेग्नेंसी

प्रेग्नेंसी के दौरान गिटार बजाता रहा पति

न्‍यूयॉर्क । भजन और पसंदीदा गाने के कारण अमेरिका के सिएटल में रहने वाली बिफी हेल को प्रेग्‍नेंसी के दौरान दर्द ही नहीं हुआ और प्रेग्नेंसी भी आसानी से हो गई । प्रसव का उनका तरीका जान जाएंगे तो दांतों तले उंगली दबा लेंगे। बिफी को जब लेबर पेन शुरू हुआ तो वे 5 घंटे तक भजन और पसंदीदा गाने गाती रहीं।

पति गिटार बजाते रहे और दोनों एक खूबसूरत एहसास के साथ बच्‍चे को इस दुनिया में लाए। बिफी का दावा है कि भजन गाने की वजह से ध्‍यान बंट गया और दर्द नहीं हुआ। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 31 वर्षीय बिफी हेल और उनके पति ब्रैंडन ने अपनी कहानी दुनिया से साझा की है। बिफी ने कहा, हम प्राकृतिक रूप से घर पर ही बच्‍चे को जन्म देना चाहते थे। लेकिन प्रेग्‍नेंसी के 42वें हफ्ते में दिक्‍कत शुरू हो गई।

पेट में काफी दर्द हो रहा था। हम अस्‍पताल भागे, मगर कुछ ही घंटों में फिर अस्‍पताल आ गए। मुझे सुइयों से डर लगता है। इसलिए घर पर प्रसव के लिए एक नर्स हमने रख ली। जब लेबर पेन शुरू हुआ तो नर्स ने अस्‍पताल जाने की सलाह दी। लेकिन मैंने घर पर ही रहना तय किया। बिफी ने कहा, दर्द काफी हो रहा था, तभी मुझे आइडिया सूझा। मैंने अपने पति को कहा- आप गिटार बजाओ और मैं गाना गाती हूं। मैंने ढेर सारे भजन और पसंदीदा गाने गाए।

आप यकीन नहीं करेंगे। जैसे जैसे वक्‍त बीतता गया, मेरा दर्द कम होने लगा। 5 घंटे तक हम गाने गुनगुनाते रहे। हमारी नर्स भी हमारे साथ शामिल हो गई। हमने प्लैनेटशेकर्स का “ब्यूटीफुल सेवियर” और शेरिल क्रो का 1993 का हिट “स्ट्रॉन्ग इनफ” गाया। मैं कोशिश कर रही थी कि मैं बच्‍चे के जन्‍म को भुलाया जाए। आप जानकर हैरान होंगे कि मुझे दर्द बिल्‍कुल कम हो गया। अनुभव बताते हुए बिफी ने कहा, बच्‍चे के जन्‍म से सिर्फ आधे घंटे पहले मैं असमर्थ हो गई। तब मेरे पति ने गाकर सुनाया और एक पल ऐसा भी आया जब बच्‍चा मेरी हाथ में था।

बेटे जैक का जन्‍म रात 8:20 बजे हुआ। उसका वजन ठीक 7 पाउंड था। जन्‍म के बाद हमने उसके लिए डिज्‍नी गाने गाए। ऐसा लग रहा था कि जैसे वह धुन सुनकर काफी खुश है। बिफी ने कहा-मेरे दोनों बच्‍चों को संगीत बेहद पसंद है। आप एक अच्छे गायक हैं या नहीं, यह फर्क नहीं पड़ता, आपको गुनगुनाना चाहिए। बता दें कि प्रेग्‍नेंसी जितना खूबसूरत एहसास है, लेबर पेन की कल्‍पना करना उतना ही मुश्क‍िल। इतना असहनीय दर्द होता है कि कोई भी महिला उसे झेलना नहीं चाहेगी।

Related Articles

Back to top button