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अमेठी में जीती…..तब इतिहास बनाएगी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी

अमेठी । उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और किशोरी लाल शर्मा के बीच चुनावी मुकाबला दिख रहा है। इस सीट का चुनाव परिणाम मंगलवार को आने वाला है। अमेठी में पांचवें चरण के तहत 20 मई को वोट डाले गए थे। अमेठी सीट पर इस बार 13 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। इसमें मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच होती दिख रही है। भाजपा के दावों पर गौर करें तब अमेठी लोकसभा सीट पर पिछले पांच दशकों में कोई भी गैर कांग्रेसी उम्मीदवार लगातार दो बार जीत दर्ज नहीं कर पाया है। अमेठी में चुनावी मुकाबले में अगर ईरानी इस बार भी चुनाव जीतती हैं, तब वह लगातार दो जीत का अनोखा रिकॉर्ड बना देंगी।
अमेठी लोकसभा सीट पर महज तीन चुनावों में ही दूसरे दलों को सफलता मिली है। 1967 से यहां पर कांग्रेस का दबदबा दिखा है। इमरजेंसी के बाद 1977 में हुए लोकसभा चुनाव में जनता पार्टी की लहर का असर सीट पर भी दिखा। जनता पार्टी के रवींद्र प्रताप सिंह ने जीत दर्ज की। पहली बार 1998 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर खाता खोला। संजय सिंह ने इस सीट पर सफलता हासिल की। 21 साल बाद 2019 में स्मृति ईरानी ने दुबारा इस सीट को जीतने में कामयाबी हासिल की। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आम चुनाव 2019 में 55,120 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में भाजपा की स्मृति ईरानी को 4,68,514 वोट मिले थे। वहीं, राहुल गांधी 4,13,394 वोट हासिल कर पाए थे। इसके पहले 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस के राहुल गांधी ने 1,07,903 वोटों से जीत दर्ज की थी। पिछले दो चुनावों के परिणाम से साफ है कि यहां मुकाबला दो तरफा होता रहा है। तीसरी पार्टी के मैदान में आने का भी कोई असर नहीं होता। इसबार केएल शर्मा क्षेत्र में अपनी दमदार उपस्थिति के जरिए ईरानी की राह में रोड़ा बनने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, रिजल्ट अगर भाजपा के पक्ष में आया, तब इतिहास बनना तय है।

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