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आटे में बेसन मिलाकर बनाए रोटी, शुगर, कोलेस्ट्राल में होगा फायदा

ज्यादा कार्बोहाइड्रैट का सेवन से बढता है यह खतरा
नई दिल्ली । हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ज्यादा कार्बोहाइड्रैट का सेवन करने से ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा भी ज्यादा रहता है। इससे हार्ट और किडनी पर भी संकट आने लगता है। यहां कार्बोहाइड्रैट का मतलब है कि ज्यादा चावल, गेहूं के आटे, मैदा, सूजी, चीनी, मिठाई, आलू, फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड आदि का सेवन। इनमें कार्बोहाइड्रैट की मात्रा ज्यादा होती है जबकि प्रोटीन कम होता है।
एक वयस्क इंसान को हर दिन 50 से 60 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है लेकिन बहुत कम लोग इतने प्रोटीन ले पाते हैं। हालांकि हकीकत यह है कि हमारे पास प्रोटीन के कई सस्ते स्रोत हैं जिनका सेवन कर हम प्रोटीन की कमी को पूरा कर सकते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार प्रोटीन के कई सस्ते स्रोत हैं जिनका सेवन कर हम कार्बोहाइड्रैट की मात्रा को कम कर सकते हैं। यदि आप कार्बोहाइड्रैट का सेवन कम करेंगे तो इससे आपका ब्लड शुगर कंट्रोल रहेगा और बैड कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का खतरा भी कम हो जाएगा। मसूर की दाल, चने की दाल, छोले, बींस, सीड्स आदि का सेवन बढ़ाकर हम प्रोटीन की कमी को पूरा कर सकते हैं। लेकिन एक छोटा सा बदलाव भी आपके रोजाना की डाइट में कार्बोहाइड्रैट को कम कर प्रोटीन की मात्रा को बढ़ा सकता है। इसके लिए आप रोज अपने गेहूं के आटे में बेसन मिला दीजिए। बेसन चने से तैयार आटा है जो प्रोटीन का खजाना है। इसमें प्रोटीन का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि 164 ग्राम चने से आप 14 ग्राम प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं। बेसन यानी चने के आटे में प्रोटीन तो होता ही है, इसके अलावा कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, पोटैशियम, कैल्शियम की भी कोई कमी नहीं होती। ये सारे तत्व हार्ट सहित कई बीमारियों से हमें बचाते हैं। अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो आपको खासतौर पर अपने आटे में बेसन मिलाकर रोटी बनानी चाहिए।
इससे आपके शरीर में प्रोटीन ज्यादा पहुंचेगा और कार्बोहाइड्रैट कम। बेसन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम होता है। यानी डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद चीज है। बेसन में डाइट्री फाइबर बहुत ज्यादा होता है जिसके कारण अगर आप नाश्ते में बेसन मिली रोटी का सेवन करते हैं दिन भर ताकत से भरपूर रहेंगे और भूख भी कम लगेगी। इससे वजन पर भी ब्रेक लग सकता है। बेसन में पोटैशियम और मैग्नीशियम भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है जो ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है।बेसन में सॉल्यूबल फाइबर मौजूद रहता है जो ट्राईग्लिसेराइड्स और एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। इस तरह बेसन एक साथ शुगर और कोलेस्ट्रॉल दोनों को कंट्रोल कर सकता है। मालूम हो कि हमारा देश मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रैट वाली चीजों का ज्यादा सेवन ज्यादा करते हैं जबकि प्रोटीन वाली चीजों का कम सेवन करते हैं। यही कारण है देश में अधिकांश लोगों के पेट के पास चर्बी जमी रहती है।

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