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रेल विकास को नई रफ्तार: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जमालपुर में ₹79 करोड़ की वैगन ओवरहॉलिंग परियोजना की रखी आधारशिला

जमालपुर, ।  भारत के रेलवे नेटवर्क को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज जमालपुर लोकोमोटिव वर्कशॉप में वैगन पीओएच (Periodical Overhauling) क्षमता वृद्धि परियोजना की आधारशिला रखी। लगभग ₹78.96 करोड़ की लागत से यह परियोजना 545 से बढ़ाकर 800 वैगन प्रतिमाह की मरम्मत क्षमता सुनिश्चित करेगी।

यह परियोजना भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता, वैगनों की उपलब्धता और टर्न अराउंड टाइम में उल्लेखनीय सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके साथ ही, रेल मंत्री ने ₹30 करोड़ की लागत से पुनर्विकासाधीन जमालपुर स्टेशन का भी निरीक्षण किया और स्टेशन व वर्कशॉप के आधुनिकीकरण हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए।

वर्कशॉप का तकनीकी निरीक्षण और उत्पाद प्रदर्शन

रेल मंत्री ने बॉक्सएन वैगन, बीएलसीएस वैगन, जैक युक्त ब्रेक वैन, 140 टन क्रेन, 8-व्हीलर टावर कार और प्रसिद्ध जमालपुर जैक जैसे उत्पादों का निरीक्षण किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि रेलवे भविष्य की तकनीक और उत्पादन क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है।

IRIMEE को बनाया जाएगा “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस”

श्री वैष्णव ने इंडियन रेलवे इंस्टीच्यूट ऑफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग (IRIMEE), जमालपुर का दौरा कर “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” योजना की पुस्तिका का विमोचन किया। इस योजना के अंतर्गत वेल्डिंग, न्यूमेटिक्स, हाइड्रोलिक्स और मेक्ट्रोनिक्स जैसे क्षेत्रों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें 2026 से बाहरी प्रतिभागियों को भी शामिल किया जाएगा।

बिहार में रेलवे विकास की रफ्तार तेज

रेल मंत्री ने बताया कि

2009-14 के दौरान बिहार को औसतन ₹1,132 करोड़ रेलवे बजट में दिए जाते थे।

2024-25 में यह राशि बढ़कर ₹10,066 करोड़ हो गई है।

2014 से अब तक 1832 किमी नई रेल लाइन और 3020 किमी विद्युतीकरण कार्य पूर्ण किए गए हैं, जिससे 100% विद्युतीकरण सुनिश्चित हुआ है।


निष्कर्ष

जमालपुर वर्कशॉप की यह परियोजना और IRIMEE की उन्नयन योजना न केवल रेलवे की तकनीकी क्षमता को बढ़ाएंगी, बल्कि बिहार के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी। यह भारतीय रेलवे के “विकसित भारत” के दृष्टिकोण की दिशा में एक ठोस कदम है।

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