National

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित सवाल: “NEET परीक्षा पर चर्चा” कब होगी?



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी,

आप अक्सर “परीक्षा पर चर्चा” करते हैं, लेकिन “NEET परीक्षा पर चर्चा” कब करेंगे? UGC-NET परीक्षा को रद्द करना लाखों छात्र-छात्राओं की जज़्बे की जीत है और यह मोदी सरकार के अहंकार की हार है, जिसने हमारे युवाओं के भविष्य को रौंदने का कुत्सित प्रयास किया।

NEET और UGC-NET परीक्षाओं में गड़बड़ियाँ

केंद्रीय शिक्षा मंत्री पहले कहते हैं कि NEET में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। लेकिन जब बिहार, गुजरात और हरियाणा में शिक्षा माफ़िया की गिरफ़्तारियाँ होती हैं, तो शिक्षा मंत्री मानते हैं कि कुछ घपला हुआ है।

अब सवाल यह है कि NEET की परीक्षा रद्द कब होगी? मोदी जी, NEET परीक्षा में भी अपनी सरकार की धाँधली और पेपर लीक को रोकने की ज़िम्मेदारी लीजिए।

परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली

नीट परीक्षा में 23 लाख छात्र शामिल हुए और यूजीसी-नेट में 10 लाख छात्र उपस्थित हुए, लेकिन दोनों परीक्षाएं सुचारु रूप से नहीं हो पायीं। यह समझ से परे है कि NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) क्या कर रही है? शिक्षा मंत्रालय के दोषी अधिकारियों को हटाना चाहिए।

मोदी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। कल देश के विभिन्न शहरों में UGC-NET की परीक्षा कराई गई, और आज पेपर लीक के शक में परीक्षा रद्द कर दी गई। पहले NEET का पेपर लीक हुआ और अब UGC-NET का।

कठोर कानून की मांग

बहुत बढ़िया कदम होगा अगर जो दोषी हैं उन सभी पर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगे। ऐसे सभी लोग, चाहे सरकार में हों, माफिया हों, बच्चे हों, कोचिंग वाले हों, जिनका इसमें 1% भी योगदान हो, उन्हें जेल में डालना चाहिए। पेपर लीक रोकने के लिए कड़ा कानून बनना चाहिए, आतंकवाद कानून की तर्ज पर। जब तक पेपर लीक पर कोई कठोर कानून नहीं बनेगा, तब तक यह समस्या खत्म नहीं होगी।

UPSC से सीख लेने की जरूरत

सरकार के किसी मंत्री या अधिकारी का इसमें जरूर हाथ है, नहीं तो किसी की इतनी हिम्मत नहीं कि परीक्षा से पहले कोई भी जान पाए कि परीक्षा में क्या पूछा जाएगा। एक एग्जाम आप लोग नहीं करा पा रहे हैं। UPSC से ही सीख लीजिए कि कैसे एग्जाम कराया जाता है। कम से कम पेपर लीक की खबर UPSC की तरफ से नहीं आई।

प्रतियोगी परीक्षाओं की स्थिति

NET से लेकर NEET तक, UP-POLICE से लेकर UP-SI तक, VDO से लेकर RO/ARO तक, इस सरकार में ऐसी कोई परीक्षा नहीं जो लीक ना हुई हो। इस डबल इंजन सरकार का “पेपरलीक नामक बुलडोजर” लगातार युवाओं के सपनों को जमींदोज कर रहा है।

NTA की अयोग्यता

NTA न जाने कितने अयोग्य डॉक्टर और प्रोफेसर देश को दे दिया। ये अयोग्य डॉक्टर वहीं हैं जिन्होंने कठिन प्रश्नों का हल पहले किया और आसान सवालों का हल बाद में, क्योंकि NTA द्वारा बहाल बहादुर प्रोफेसर साहब ने ही शिक्षा दिया है।

कठोर कदम उठाने की मांग

फिलहाल देश एवं राज्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं पर रोक लगनी चाहिए, वर्ना यह लीक सिस्टम गरीब मेहनती छात्रों का हक छीन लेगी। पहले CBI जांच हो पूर्व की परीक्षाओं का, इसके बाद पेपर लीक करनेवाले और इसमें संलिप्त लोगों के लिए एकदम सख्त कानून बने, तब जाकर परीक्षा हो।

Related Articles