
ओवैसी ने शुरु की कालीन पॉलिटिक्स
सासाराम। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कालीन पॉलिटिक्स के जरिए सरकारों के साथ ही पीएम मोदी को घेरने का काम किया है। उन्होंने पीएम मोदी के मंगलसूत्र और आरक्षण के संबंध में दिए गए बयान को मुसलमानों का अपमान निरुपित किया है। ओवैसी बिहार के काराकाट लोकसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे।
रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, कि दिल्ली में अगर जरूरत पड़ी तो भारत की जनता ऐसा फैसला देगी कि तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी न बनें। उन्होंने कहा कि आपसे मैं वादा करता हूं कि एआईएमआईएम पार्टी यकीनन कोशिश करेगी कि किसी ऐसे व्यक्ति को देश का प्रधानमंत्री बनाएं जिसका संबंध भाजपा और मोदी से न हो। यहां बतलाते चलें कि ओवैसी की पार्टी विपक्षी गठबंधन इंडिया का भी हिस्सा नहीं है।
ओवैसी ने रैली में कहा, कि पीएम मोदी झूठ बोल रहे हैं कि मुस्लिम महिलाएं अधिक बच्चे पैदा करती हैं। बार-बार ऐसा कहकर वो समुदाय की तौहीन कर रहे हैं कि मुसलमान मंगलसूत्र ले लेंगे। उन्होंने कहा कि एक सच्चा मुसलमान हमेशा अपनी बहनों और उनके मंगलसूत्रों की रक्षा करेगा। रोहतास जिले के नासरीगंज में आयोजित रैली में पहुंचे ओवैसी ने काराकाट से अपनी पार्टी की उम्मीदवार प्रियंका चौधरी के लिए वोट मांगा। यहां ओवैसी ने पीएम मोदी की उस टिप्पणी के लिए भी उनकी आलोचना की कि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन अपने मुस्लिम वोट बैंक के लिए मुजरा कर रहा है। ओवैसी ने कहा, ‘क्या इस प्रकार की भाषा वजीर-ए-आजम के पद पर रहने वाले एक व्यक्ति से अपेक्षा की जा सकती है। क्या मोदी ऐसा कहकर महिलाओं का अपमान नहीं कर रहे?
अंत में ओवैसी ने पीएम मोदी के साथ ही लालू और अन्य नेताओं को निशाने पर लेते हुए कहा कि बिहार के मुसलमानों को याद रखना होगा कि वो सिर्फ वोट नहीं दे सकते बल्कि वोट भी मांग सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में हम यह भी दिखला देंगे कि बिहार में एक मुस्लिम मुख्यमंत्री भी हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि काराकाट को कालीन व्यवसाय के लिए पूरे देश में पहचाना जाता है। लेकिन यहां के युवाओं को यह याद रखना होगा कि कालीन बुनना तो ठीक है, लेकिन उन लोगों के लिए इसे बिछाते रहना ठीक नहीं जो सत्ता के लिए आपको इस्तेमाल करना चाहते हैं।



