रेलवे में महिलाओं की सुरक्षा पर फिर खड़े हुए गंभीर सवाल
पटना। रेलवे सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली दर्दनाक घटना में आरती यादव की मौत ने देशभर को झकझोर दिया है। जानकारी के अनुसार आरती यादव गलती से Patna–Anand Vihar Superfast Express में चढ़ गई थीं, जबकि उनका आरक्षण Chhapra–New Delhi Clone Special Train में था। ट्रेन बदलने जैसी मामूली भूल को लेकर कथित तौर पर टीटीई ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया और चलती ट्रेन से बाहर धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
आरती यादव के पति भारतीय नौसेना (Navy) में तैनात हैं, जिसके कारण वह इस यात्रा में अकेली थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन में मौजूद स्टाफ ने न तो उनकी स्थिति समझने की कोशिश की और न ही किसी तरह की मदद की। अकेली महिला यात्री के साथ हुए इस हादसे ने यह कड़वी सच्चाई उजागर कर दी है कि ट्रेन में महिलाएं सिर्फ असामाजिक तत्वों से ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार कर्मचारियों से भी सुरक्षित नहीं हैं।
रेलवे में महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई शिकायतें उठ चुकी हैं, लेकिन इस घटना ने व्यवस्थाओं की गंभीर कमी को फिर सामने रख दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर गुस्सा फूट पड़ा है और लोग TTE की गिरफ्तारी, रेलवे सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा, और महिला यात्रियों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्थाओं की मांग कर रहे हैं।
यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि रेलवे प्रबंधन के लिए चेतावनी है कि महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए मजबूत, जवाबदेह और संवेदनशील तंत्र की तत्काल आवश्यकता है। अकेली यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाना अब समय की मांग बन चुका है।
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