
नई दिल्ली । विदेश मंत्री एस जयशंकर सुबह सुबह मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने पहुंचे। करीब 20 मिनिट तक लाइन में लगे रहे। जब उनकी बारी आई तो पता चला कि उनका वोटर लिस्ट में नाम ही नहीं है। इसके बाद उन्हे बिना वोट के ही वापस लौटना पड़ा।मतदान केंद्र पर विदेश मंत्री को जानकारी मिली कि वोटिंग के लिए उन्हें दूसरे केंद्र पर जाना पड़ेगा। वह तुगलक लेन के अटल आदर्श विद्यालय में वोट डालने के लिए पत्नी के साथ पहुंचे थे। मगर दोनों का नाम सूची में नहीं था। इसके बाद उन्होंने दूसरे मतदान केंद्र पहुंचकर मतदान किया। इस दौरान जिला चुनाव ऑफिस की तरफ से पहले पुरुष मतदाता होने का सर्टिफिकेट भी दिया गया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला और सभी से मतदान करने के लिए अधिक से अधिक संख्या में मतदान केंद्र पहुंचने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि दिल्ली के मतदाता एक बार फिर मोदी सरकार और विकसित भारत का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा, हमने अभी अपना वोट डाला है और मैं इस बूथ पर पहला पुरुष मतदाता था। हम चाहते हैं कि लोग घरों से बाहर आएं और वोट डालें… क्योंकि यह देश के लिए एक निर्णायक क्षण है। उन्होंने जोर देकर कहा, मुझे विश्वास है कि दिल्ली में मतदाता एक बार फिर विकसित भारत और मोदी सरकार का समर्थन करेंगे। इससे पहले शुक्रवार को एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में जयशंकर ने कहा था कि बीजेपी दक्षिणी राज्यों में बड़ी प्रगति करेगी जबकि उत्तरी राज्यों पर अपनी पकड़ दोगुनी करेगी। उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के छठे चरण के लिए कड़ी सुरक्षा और व्यवस्था के बीच छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 58 संसदीय क्षेत्रों में आज सुबह से मतदान जारी है। बता दें कि लोकसभा चुनाव के छठे चरण में आज शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सभी सात सीटों पर मतदान जारी है। इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, बांसुरी स्वराज सहित कई बड़े नेताओं ने वोटिंग बूथ पहुंचकर मतदान किया।



