National

राहुल-प्रियंका की महू सभा में राजनीतिक भाषण पर रोक, प्रशासन ने निर्धारित की शर्तें

भोपाल: 27 जनवरी को महू में कांग्रेस द्वारा आयोजित राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की सभा को लेकर प्रशासन ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन ने सभा में किसी भी प्रकार के राजनीतिक भाषण पर रोक लगा दी है। वहीं, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कार्यक्रम उनके राजनीतिक उद्देश्यों के लिए आयोजित किया गया है, खासकर बाबा साहब अंबेडकर के सम्मान में, जिनकी जयंती के अवसर पर कांग्रेस संविधान बचाओ पदयात्रा की शुरुआत भी करेगी।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करना और समाज के अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के लोगों का समर्थन हासिल करना है। कांग्रेस पार्टी ने 27 जनवरी को महू में आयोजित इस सभा को “जय बाबूलाल, जय भीम, जय संविधान अभियान” के समापन के रूप में पेश किया।

हालांकि, जिला प्रशासन द्वारा सभा के लिए निर्धारित शर्तों में राजनीतिक भाषणों पर पाबंदी लगाई गई है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि सभा के दौरान किसी भी तरह के राजनीतिक और धर्म विरोधी भाषण न दिए जाएं। इसके अलावा, कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजकों को कई प्रशासनिक शर्तों का पालन करने को कहा गया है, जैसे कि सभा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और किसी भी प्रकार की दुर्घटना के लिए आयोजक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि सभा में ज्वलनशील पदार्थ, हथियार, नशा और सिगरेट का उपयोग नहीं किया जाएगा, और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के तहत किया जाएगा।

अब सवाल यह उठता है कि यदि राजनीतिक भाषण पर रोक लगेगी, तो इस सभा का उद्देश्य कितना सफल हो पाएगा। कांग्रेस नेताओं के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति हो सकती है, क्योंकि इस सभा का मुख्य उद्देश्य संविधान और बाबा साहब अंबेडकर के मुद्दे पर राजनीतिक विचार व्यक्त करना था।

Related Articles