Uncategorized

कही खुल न जाये पोल, इसलिए ग्रामीण आजीविका मिशन की दी भ्रामक जानकारी

गणवेश वितरण में समूहों को दी गई खुली स्वतंत्रता
-ग्रामीण आजीविका मिशन के पास नही है गणवेश वितरण की जानकारी

कटनी। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में जिम्मेदार अधिकारी अपने बचाव के लिए भ्रामक जानकारी दे रहे है जिसमे भ्रष्टाचार की पोल न खुल सके।ऐसा ही मामला एक आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जिला कार्यालय मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन कटनी से जानकारी माँगी गई थी।जिसमे वर्ष 2022-23 में स्वयं सहायता समूहों द्वारा कितने विद्यालयों में गणवेश वितरण कार्य किया गया है एवं वेंडर द्वारा समूहों को प्रदाय की गई कपड़े की जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत माँगी गई।

कार्यालय म.प्र.डे राज्य आजीविका मिशन कटनी द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया कि स्वयं सहायता समूहों को इस कार्य के लिए स्वतंत्रता प्रदान की गई थी स्वयं सहायता समूह शासकीय निकाय नही है एवं निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है,समूहों द्वारा की गई प्रक्रियाओं व औपचारिकताओ की जानकारी कार्यालय में उपलब्ध नही है।

गौरतलब है कि सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्धम विभाग के पत्र क्रमांक 472 दिनाँक 19/03/20 को म.प्र.राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को शासकीय प्राथमिक तथा माध्यमिक शालाओं में निशुल्क गणवेश प्रदाय योजना के अतंर्गत गणवेश सिलाई योजना के तहत मध्यप्रदेश पावर लूम बुनकर सहकारी संघ मर्यादित, से कटा हुआ कपड़ा क्रय करने के निर्देश जारी किए गए थे। जिसके बाद म.प्र.डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के आदेश दिनाँक 04/10/2022 को म.प्र.पावर लूम बुनकर सहकारी संघ मर्यादित से कपड़ा क्रय करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई थी।

जिसकी प्रतिलिपि प्रदेश के समस्त जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामीण आजीविका मिशन को दी गई। इसके बावजूद भी जिला आजीविका मिशन कार्यालय कटनी के द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में आवेदन कर्ता को भ्रामक जानकारी दी गई।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button