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कुकी समुदाय को राज्य के बाहर करें वरना हम फैसला लेंगे: मेतई

इंफाल । मणिपुर में मैतईं समुदाय एक बार फिर संगठित हो रहा है। चार वालंटियर की हत्या के बाद मैतईं समुदाय के सशस्त्र संगठनों ने एक बैठक ली है। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से नागा शांति वार्ता के लिए जो मध्यस्थ केंद्र सरकार ने भेजे थे। उनके सामने 4 मांगे प्रस्तुत की है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से न्याय शांति वार्ता के लिए एके मिश्रा, इंटेलिजेंस ब्यूरो के दो डायरेक्टर संदीप सिंह, राजेश कुंबले सहित 37 मैतईं समुदाय के विधायक दो सांसद और केंद्रीय के राज्य मंत्री आर रंजन सिंह बैठक में मौजूद थे। इस बैठक में मेताई समुदाय ने चेतावनी देते हुए कहा है। जो चार मांग प्रस्तुत की गई हैं। 15 दिन के अंदर यदि उस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो हम आगे का फैसला स्वयं कर लेंगे।

जिस समय यह बैठक चल रही थी। उस समय किले के अंदर और बाहर 10000 से ज्यादा मैतईं समुदाय के लोग एकत्रित थे। जो मांग पत्र सोपा गया है, उसमें मणिपुर के मुख्यमंत्री वीरेन सिंह और विधायकों के भी हस्ताक्षर हैं।

मैतईं समुदाय की 4 मांग

1 कुकी संगठनों के साथ केंद्र सरकार जो बातचीत कर रही है उसे तुरंत बंद किया जाए।

2 मणिपुर में म्यांमार से घुसे लोगों को मणिपुर से बाहर निकला जाए। कुकी समुदाय के लोगों को मिजोरम भेजा जाए। बॉर्डर को सील किया जाए।

बाहरियों को मणिपुर से बाहर निकला जाए।

3 मणिपुर में 1951 को आधार बनाकर एनआरसी लागू की जाए। ताकि 1951 के बाद आए हुए लोगों को मणिपुर से बाहर भेजा जा सके।

4 असम राइफल्स को मणिपुर से हटाने की मांग की गई है।

उल्लेखनीय है, कि 22 जनवरी को केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल इंफाल पहुंच गया था। इन्होंने दो दिन मैतईं समुदाय के प्रतिनिधियों से बात की है। मैतई समुदाय के संगठनों का कहना है,राज्य में बार-बार केंद्र द्वारा जो दखल दिया जा रहा है। उसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस बैठक में 39 बड़े मैतईं नेता भी पहुंचे थे। इस बैठक के बाद लगता है कि समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। दोनों समुदायों के बीच में भारी टकराव बना हुआ है।

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