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वन कर्मचारियों की बेगार काम में लगाई जाती है ड्यूटी

वन मुख्यालय के आदेश का नहीं हो रहा है पालन

भोपाल।वन विभाग के कार्यपालिका वन कर्मचारी की बेगार के कामों एवं अन्य कार्यों में अधिकारियों द्वारा ड्यूटी लगाई जाती है कार्यपालिका वन कर्मचारी की बेगार एवं अन्य कार्यों में ड्यूटी लगाने के कारण वनों की हानि होती है वन प्राणियों का शिकार होता है जबकि वन मुख्यालय की स्पष्ट आदेश है कि कार्यपालिका वन कर्मचारी की ड्यूटी अन्य कार्यों में न लगाई जाए लेकिन प्रदेश में वन मुख्यालय के आदेश का पालन पिछले 6 वर्षों से नहीं हो रहा है। 

मध्य प्रदेश वन कर्मचारी मंच के प्रांत अध्यक्ष अशोक पांडे ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि वन मुख्यालय ने स्पष्ट आदेश जारी करें हैं कि मैदानी कार्यपालिका वन कर्मचारियों की ड्यूटी अन्य कार्यों में न लगाई जाए यदि मैदानी कार्यपालिका वन कर्मचारी की अन्य कार्य में ड्यूटी लगाई जाएगी और उसके कारण वनों की हानि होती है तो उसकी वसूली वन कर्मचारी के साथ-साथ ड्यूटी लगाने वाले अधिकारी से भी होगी लेकिन पिछले 6 वर्षों से वन मुख्यालय के आदेश का पालन प्रदेश में नहीं किया जा रहा है कार्यपालिका वन कर्मचारी की ड्यूटी बेगार के कामों एवं अन्य कार्यों में लगातार लगाई जा रही है और अन्य कार्यों में ड्यूटी लगाने के कारण यदि वन हानि होती है तो उसकी वसूली भी वन कर्मचारी से हो रही है ड्यूटी लगाने वाले अधिकारी से नहीं हो रही है वन कर्मचारी मंच ने प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखकर मांग करी है कि मैदानी कार्यपालिका वन कर्मचारी की ड्यूटी बेगार के कामों एवं अन्य कार्यों में न लगाई जाए कार्यपालिका वन कर्मचारी से कर्तव्य स्थल पर ही कार्य लिया जाए यदि कोई अधिकारी बन कर्मचारियों की ड्यूटी बेगार के कामों एवं अन्य कार्य में लगता है तो उसकी जिम्मेदारी उक्त अधिकारी की मानी जाए और वन हानि होती है तो उसकी वसूली उक्त अधिकारी से की जाए वन कर्मचारी से न की जाए यदि वन्य प्राणी काशिकार होता है या दुर्घटना में वन्य प्राणी की मृत्यु होती है तो वन कर्मचारी को दंडित ना किया जाए वन मुख्यालय के आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाए।

                              

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