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डिप्रैशन में रह रही महिला ने मैरिज एनिवर्सरी के दिन फांसी लगाई

भोपाल । राजधानी के पिपलानी थाना इलाके में रहने वाली महिला बैंक कर्मी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतका ने छह महीने पहले प्री-मैच्योर डिलेवरी के बाद एक बेटे को जन्म दिया था। इस बेटे के जन्म के बाद से ही महिला प्री-मैच्योर बेबी के भविष्य के जीवन को लेकर काफी ड्रिप्रैशन में आ गई थी। पुलिस को सुसाइड नोट मिला ह, जिसमें डिलीवरी के बाद से ही तनात में रहने की बात सामने आई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सुरभि होम्स अवधपुरी में रहने वाली 36 वर्षीय प्रीति तिग्गा पति डेविड खाखा यूनियन बैंक में लिपिक के पद पर पदस्थ थीं। उनके पति सीएजी में ऑडिट डिपार्टमेंट में नौकरी करते है। पति डेविड खाखा ने पुलिस को बताया वो मूल रुप से जबलपुर का रहने वाला है, और अक्टूबर 2017 में उसकी शादी प्रीती से हुई थी। उनके तीन साल का बेटा स्टीफ है, वहीं 6 महीने प्रीती को प्री डिलीवरी हुई थी। उसने बेटे ऑस्टिन को जन्म दिया था, इन दिनों प्रीती लीव पर चल रही थीं। पति का कहना है कि प्री डिलेवरी के बाद से ही प्रीति काफी मानसिक तनाव में रहने लगी थी। प्रीती को लगता था कि प्री डिलेवरी से होने के कारण उसके बेटे ऑस्टिन का शारीरिक विकास नार्मल बच्चो की तरह नहीं हो पायेगा और वह नाटा रह जाएगा। इन दिनो वह प्री डिलेवरी के बाद से ही वह यू ट्यूब पर इससे संबधित बच्चों के वीडियो सर्च करती रहती थी। इससे वो काफी डिप्रैशन में रहने लगी थी, जिसके कारण उसका इलाज भी चल रहा था। सोमवार को प्रीती की शादी की एनिवर्सरी थी, इसी दिन सुबह करीब सात बजे उसने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को मौके की छानबीन के दौरान प्रीति के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने लिखा है कि मेरे लिए कुछ नहीं बचा है, हालात से हार चुकी हूं। मेरी डिलीवरी के समय जब मुझे दुआओं की जरूरत थी, तब मुझे दवाओं के सहारे रखा गया। इस कारण मेरा बेटा प्री मेच्योर हो गया। डेविड मेरे बच्चों का ख्याल रखना। मर्ग कायम कर शव को पीएम के बाद

परिवार वालो को सौंपते हुए सुसाइड नोट जब्त कर पुलिस आगे की कार्यवाही में जुटी है।

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