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उपचार व चारे के अभाव में मर रहे हैं गोवंश, जिम्मेदार मौन

बीते 1 माह में इलाबांस गौशाला में दो दर्जन गोवंशों की हो चुकी है मौत

मैंनपुरी ।सरकार द्वारा बेसहारा गोवंशों के संरक्षण के लिए करोड़ों खर्च कर गौशाला बनवाए गए लेकिन चारे व उपचार के अभाव में गोवंश मर रहे हैं। सरकार के द्वारा गौशालाओं के लिए ग्राम पंचायत के माध्यम से प्रतिवर्ष लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं लेकिन गोवंशों का संरक्षण नहीं हो पा रहा है।

क्षेत्र के मैनपुरी कुसमरा मार्ग स्थित गांव इलाबांस में बीते दो वर्षों से गौशाला का संचालन किया जा रहा है जिसमें सैकड़ो की संख्या में गोवंश मौजूद है, लेकिन चारे व उपचार के अभाव में आए दिन गोवंशों की मौत होती रहती है। गौशाला में दो गौवंश मरे पड़े हैं, मरे हुए गौवंशो को स्वान नोच खा रहे हैं। बीते दो दिन से गौवंश मरे पड़े हैं लेकिन जिम्मेदारों द्वारा उन्हें दबाया नहीं गया। गौशाला में भूसा कक्ष खाली पड़ा है। गौशाला की देखभाल कर रहे रिंकू, एवं विनोद कुमार ने बताया बीमार गौवंशो के उपचार के लिए प्रतिदिन चिकित्सक नहीं आते है ग्राम प्रधान एवं सचिव के द्वारा गौवंशो के लिए भूसा व दाना नहीं खरीदा जाता। सचिव आठ आठ दिन तक गौशाला पर नहीं आते है। जिसके कारण नियमानुसार गौशाला का संचालन नहीं हो पा रहा है। गौशाला की देखरेख कर रहे कर्मियों को बीते तीन माह से वेतन नहीं मिला है, एक सैकड़ा से अधिक गौवंश गौशाला में मौजूद है। ग्राम पंचायत के द्वारा बीते दिसंबर माह में मृतक गौवंशो को दफनाने के लिए ग्राम पंचायत निधि से 32 हजार रुपए निकाले गए लेकिन मृत पडे गौवंश फिर भी देखें जा सकते हैं।

ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी से मांग की है गौशाला संचालन के जिम्मेदारों को आदेशित कर नियमानुसार गौशाला का संचालन कराया जाए। मांग करने वालों में राकेश कुमार, लालू प्रसाद, सुरेश सिंह, विनोद कुमार, लालाराम, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, सौरभ कुमार, गौरव कुमार, प्रवीन कुमार राजीव कुमार रामेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।

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