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ओरछा: वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान, केंद्र सरकार से 25 करोड़ की स्वीकृति

भोपाल: मध्यप्रदेश का ऐतिहासिक नगर ओरछा अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होने की ओर अग्रसर है। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत ओरछा के समग्र विकास के लिए ₹25 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। इससे पर्यटन अधोसंरचना और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

इससे पहले भी ₹99.92 करोड़ की विशेष सहायता राशि विरासत संरक्षण और संग्रहालय विकास के लिए दी गई थी। सरकार ने यूनेस्को विश्व धरोहर (UNESCO World Heritage Site) के रूप में ओरछा को मान्यता दिलाने के लिए सिफारिश की है। साथ ही, इसे यूनेस्को की ऐतिहासिक शहरी परिदृश्य (HUL) पहल के तहत शामिल किया गया है।

पर्यटन विकास की मुख्य योजनाएँ:

टूरिस्ट एक्सपीरियंस सेंटर: ओरछा का 3D मॉडल, ऐतिहासिक पैनल, बुकिंग कियोस्क, चिल्ड्रन प्ले एरिया और कैफे विकसित किए जाएंगे।

हुनरशाला: स्थानीय कारीगरों को प्रशिक्षित कर हस्तशिल्प और पारंपरिक कला को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्यटक स्वयं वर्कशॉप में भाग ले सकेंगे।

पर्यटन यात्रा पथ: ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ने वाले मार्गों का सौंदर्यीकरण, आर्च, छज्जा निर्माण, लाइटिंग और साइनेज लगाए जाएंगे।

आधुनिक पर्यटन सुविधाएँ:
हॉप ऑन-हॉप ऑफ बस सेवा
स्मारकों के लिए ऑडियो गाइड सिस्टम
क्यूआर आधारित वॉक एप
प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइव परफॉर्मेंस

विरासत और आधारभूत संरचना विकास:

ओरछा के प्रवेश द्वारों और पुलों का संरक्षण
स्मारकों और मंदिरों का जीर्णोद्धार
संग्रहालयों का विकास और नई सुविधाओं का समावेश
स्मारकों को जोड़ने वाले मार्गों और हेरिटेज लाइटिंग का विकास
शॉपिंग क्षेत्र और मेला ग्राउंड का विस्तार

ओरछा के सुनहरे भविष्य की ओर

इन योजनाओं के क्रियान्वयन से ओरछा का वैश्विक महत्व बढ़ेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इससे स्थानीय समुदाय को आर्थिक लाभ मिलेगा और ओरछा विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाएगा।

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