
पटना । सहज शक्ति सर्व कल्याण संस्था वंचित बच्चों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाकर समाज कल्याण की मिसाल बन रही है। राजधानी पटना के चीना कोठी हरिजन बस्ती में इस संस्था की संस्थापक वंदना झा ने एक अनूठी पहल की है, जहां गरीब और वंचित बच्चों को मुफ्त शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए अनूठी पहल
आज के समय में जहां अधिकांश लोग अपने निजी स्वार्थ तक सीमित रहते हैं, वहीं वंदना झा ने समाज को शिक्षित और सशक्त बनाने का बीड़ा उठाया है। उनकी संस्था सहज शक्ति सर्व कल्याण संस्था के माध्यम से 58 से अधिक गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
गरीब बच्चों को मिल रही नई शिक्षा सुविधाएं
कक्षा छह तक के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है।
कई बच्चे पहली बार पढ़ाई शुरू कर रहे हैं, तो कुछ बच्चे ऐसे हैं जिनकी पढ़ाई आर्थिक तंगी के कारण छूट गई थी।
बच्चों को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, मधुबनी पेंटिंग और जूट बैग निर्माण जैसी कला व कौशल की ट्रेनिंग दी जा रही है।
शिक्षकों की टीम में शुभम कुमार, पीयूष श्रीवास्तव, बबीता कुमारी, सुहानी यादव शामिल हैं, जबकि कुशाग्र अमन बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
वंदना झा: समाजसेवा की अनूठी प्रेरणा
वंदना झा पिछले 10 वर्षों से गरीब और जरूरतमंदों की सेवा में जुटी हैं। वे स्लम बस्तियों और झुग्गियों में जाकर बच्चों को आत्मनिर्भर बनने के लिए शिक्षित कर रही हैं। संस्था की स्थापना एक साल पहले की गई थी, और तब से यह गरीब परिवारों के बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है।
समाज के समर्थ लोगों से अपील
वंदना झा का मानना है कि कोई भी बच्चा पैसों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। उनका प्रयास है कि समाज के संपन्न लोग इस मुहिम में सहयोग करें, ताकि कोई भी गरीब बच्चा ज्ञान के प्रकाश से वंचित न रहे। उनकी यह पहल स्थानीय क्षेत्र में शिक्षा जागरूकता बढ़ाने और गरीब बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में मदद कर रही है।





