Madhya Pradesh

Bhopal helth :विवादित डॉ अरुणा कुमार को डीएमई किया गया अटैच

BHOPAL  : जीएमसी में डॉ बाला सरस्वती के सुसाइड मामलें में जूनियर डाक्टर्स की 5 दिन की हड़ताल के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने बड़ा फैसला लेते हुए डॉ अरुणा कुमार को गांधी मेडिकल कालेज से हटा दिया है। इससे पहले शाम को जूनियर डाक्टर्स ने भोपाल में पिछले पांच दिनों से चल रही हड़ताल को मंत्री सारंग से मिले आश्वासन के बाद खत्म कर दिया था जिसके बाद जूनियर डॉक्टर्स के काम पर लौटते ही गांधी मेडिकल कॉलेज की गायनोकोलाजी डिपार्टमेंट की प्रोफेसर डॉ. अरुणा कुमार हटा दिया गया। शासन ने उन्हें डीएमई अटैच किया। इसका आदेश भी जारी हो गया है।
डॉ अरुणा कुमार का हो रहा था विरोध 

बता दें कि गांधी मेडिकल कॉलेज की जूनियर डॉक्टर बाला सरस्वती सुसाइड केस में जूनियर डॉक्टर डॉ. अरुणा कुमार को हटाने की मांग कर रहे थे। रविवार को डॉ बाला ने अपने कोहेफिजा स्थित घर में बेहोशी के इंजेक्शन का ओवरडोज लेकर मौत को गले लगा लिया था, डॉ बाला तीन महीने की गर्भवती थी, उन्होंने आत्महत्या करने से पहले अपने परिजनों को बताया था की उन्हे गायनी विभाग की HOD डॉ अरुणा कुमार द्वारा बहुत ज्यादा मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है इसके साथ ही डॉ बाला ने और भी 4 प्रोफेसर का नाम अपने परिजनों को बताया था जो लगातार उसे प्रताड़ित कर रहे थे।

डॉ बाला की मौत के बाद उनके साथियों ने डॉ अरुणा कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। डॉ अरुणा कुमार को हटाने को लेकर जूडा ने हड़ताल भी की। उनकी इस हड़ताल में पूरे प्रदेश भर के जूडा शामिल हुए, शनिवार को प्रोफेसर अरुणा कुमार का पुतला भी दहन किया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने की हड़ताली जूनियर डॉक्टरों के साथ चर्चा की। उन्होंने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की।

 

 

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