कोरोना संक्रमित रहा चुके युवाओं की हो रही है हार्ट अटैक मौत

नई दिल्ली । अगर आप युवा हैं और कोरोना के घातक वायरस की चपेट में आ चुके हैं तो आपको अपनी सेहत को लेकर काफी सतर्क रहने की जरूरत है। दरअसल सेहत से जुड़ी एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। डॉक्टरों का कहना है कि जो लोग करोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं उन लोगों में अचानक हार्ट अटैक से मौत का खतरा सबसे ज्यादा है। ऐसे में मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। दिल्ली के कुछ अस्पतालों में 10 से 15% की बढ़ोतरी देखी गई है। यह चौंकाने वाली जानकारी हाल ही में एक अमेरिकी रिसर्च के बाद सामने आई है। रिसर्च के मुताबिक कोरोना वायरस से पीड़ित हो चुके लोगों में कार्डियक अरेस्ट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा है। हालाकि भारत सरकार की ओर से इस बाबत कोई डेटा सार्वजनिक नहीं किया गया है। मैक्स अस्पताल साकेत में कार्डियक विभाग के डायरेक्टर डॉ बलबीर सिंह ने बताया कि अचानक हार्ट अटैक से मरने वाले लोगों में 20 साल के युवा भी शामिल हैं। ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी और रिसर्च और स्टडी की जरूरत है। कोरोना से पहले देश में 50 साल से कम आयु वर्ग के लोग 15 फीसदी लोग ही अचानक हार्ट अटैक की चपेट में आते थे लेकिन अब 24 फीसदी तक ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हो गई है। एम्स के प्रोफेसर राकेश यादव के अनुसार ऐसे मामलों के मात्रात्मक डेटा नहीं है लेकिन ऐसे मामलों में कम से कम 10-15% की बढ़ोतरी देखी गई है। उन्होंने सुझाव दिया कि जो लोग कोविड से संक्रमित थे उन्हें अपनी उम्र या फिटनेस की परवाह किए बिना सांस फूलने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजी एंड इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी नारायण हॉस्पिटल डॉ. संजय कुमार चुग ने कहा कि युवाओं में कार्डियक अरेस्ट के कारण होने वाली मौतों में वृद्धि वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन से संबंधित असामान्यता के कारण हुई है। उन्होंने कहा ऐसे मामलों में दिल प्रभावी ढंग से धड़कना बंद कर देता है और अचानक से मौत हो जाती है। उन्होंने कहा कई युवा डॉक्टरों को एससीडी का सामना करना पड़ा है।                          

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