सेम कॉलेज में फर्जीवाड़ा: धरने पर बैठे नर्सिंग स्टूडेंट्स, संचालक हरप्रीत सलूजा के खिलाफ FIR की मांग

एनएसयूआई मेडिकल विंग के नेतृत्व में धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं, कॉलेज संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग

सेम कॉलेज के पास 70 सीट होने के बावजूद लिया 104 छात्रों का दाखिला, अब तीन साल बाद 34 छात्रों का एडमिशन निरस्त किया!

भोपाल  ! मध्य प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में फर्जीवाड़े की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। बुधवार दोपहर राजधानी भोपाल के रायसेन रोड पर स्थित सेम मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं धरने पर बैठ गए। एनएसयूआई मेडिकल विंग के पूर्व प्रदेश समन्वयक रवि परमार के नेतृत्व में धरना दे रहे नर्सिंग स्टूडेंट्स ने कॉलेज मालिक हरप्रीत सलूजा और उनकी बेटी प्रीति सलूजा के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई कर FIR की मांग की है।

दरअसल, कॉलेज प्रशासन ने साल 2022 में 104 छात्र-छात्राओं का नर्सिंग कॉलेज में दाखिला लिया था लेकिन तीन साल बाद अब कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को बताया कि कॉलेज के पास सिर्फ 70 सीटें ही है। ऐसे में बाकी के 34 छात्रों को डिग्री नहीं मिलेगी। उन छात्रों का एडमिशन निरस्त कर दिया गया है। अब 34 छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। छात्र परेशान हैं कि अब वे क्या करें।

छात्र संगठन एनएसयूआई की मेडिकल विंग इन छात्रों के समर्थन में कॉलेज के बाहर बुधवार दोपहर धरने पर बैठी। इस दौरान उन्होंने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद सभी छात्र अपर कलेक्टर अंकिता त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपकर कहा कि कॉलेज संचालक के खिलाफ मुकदमा कायम कर कार्रवाई करें और छात्रों की पुनः रजिस्ट्रेशन कराई जाए।

एनएसयूआई मेडिकल विंग के रवि परमार ने कॉलेज संचालक हरप्रीत सलूजा और प्रीति सलूजा के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई की मांग की है। परमार ने कहा कि दर्जनों स्टूडेंट्स डिप्रेशन में हैं, कोई अनहोनी होती है, कोई स्टूडेंट कोई आत्मघाती कदम उठाता है तो इसके लिए सेम कॉलेज प्रशासन और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग जिम्मेदार होंगे।

रवि परमार ने कहा कि, 'मामा के राज में भांजे भांजियों का करियर दांव पर लगा है, लेकिन मामा कुंभकर्ण की निद्रा में हैं। मामा शिवराज बताएं कि तीन साल बाद ये स्टूडेंट्स कहां जाएंगे? मुख्यमंत्री अपने बेटे को तो पढ़ने विदेश भेज दिया, लेकिन प्रदेश के बाकी स्टूडेंट्स डिग्री और शिक्षा हासिल करने के लिए जूझ रहे हैं। एनआरआई कॉलेज ने उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, लेकिन मामा शिवराज और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को कोई फर्क नहीं पड़ता।'

परमार ने आरोप लगाया कि शिक्षा माफियाओं को चिकित्सा शिक्षा मंत्री सारंग का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए वे स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के पहले कुछ नहीं सोचते। एनएसयूआई मेडिकल विंग चेतावनी देती है कि सरकार छात्रों को न्याय दे वरना सीएम हाउस के बाहर हम आत्मदाह करेंगे।

इस मौके पर राजवीर सिंह, लक्की चौबे, भव्य सक्सेना, शिवकुमार डांगी, रिषी सिंह, जितेंद्र विश्वकर्मा जिसान खान और सभी छात्र छात्राएं उपस्थित थे ।


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