नेताजी सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद जी दोनों ही युवाओं के लिये प्रेरणा स्त्रोत है: प्रदीप त्रिपाठी

रेडक्रास के प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण से महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं रोजगारमुखी साबित होगा
भोपाल। सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर रामकृष्ण धर्मनाथ फाउंडेशन विश्वविद्यालय (आरकेडीएफ) में राष्ट्रवाद में युवा सरोकार पर आयोजित सेमिनार में मप्र राज्य शाखा के जनरल सेक्रेटरी प्रदीप त्रिपाठी ने युवाओं एवं उपस्थितजनों को संबोधित किया। सेमिनार का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन कर किया। इस अवसर पर आरकेडीएफ के कुलपति प्रोफेसर विजय अग्रवाल, डाॅ. एन.के. लहरिया, डाॅ. अभिजीत आर. पाटील सहित आरकेडीएफ के प्रबंधन सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
 रेडक्रास के जनरल सेक्रेटरी प्रदीप त्रिपाठी ने आरकेडीएफ प्रबंधन के साथ-साथ उपस्थित छात्र-छात्राओं धन्यावाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आज का दिन युवाओं के लिये खास है। आज के दिन हमारे नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जन्म हुआ था। उन्होंने नेताजी सुभाषचंद्र बोस और स्वामी विवेकानंदजी के जीवन पर प्रकाश डाला और कहा कि दोनों ही युवा थे जिन्होंने राष्ट्र के निर्माण में अपनी-अपनी भूमिका निभाई है। जिन्होंने युवा अवस्था में ही अपने राष्ट्र निर्माण के प्रति युवाओं भाव जागृत किया। उन्होंने कहा कि दोनों ही युवाओं के लिये प्रेरणा स्त्रोत हैं। उन्होंने प्राचीन आयुर्वेदिक पद्वति पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने योग को अधिक महत्व देते हुये युवाओं को योग के लिये प्रेरित किया। 
 रेडक्रास के जनरल सेक्रेटरी प्रदीप त्रिपाठी ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं को रेडक्रास क्या है एवं क्या-क्या गतिविधियां संचालित करती है की जानकारी दी साथ ही युवक रेडक्रास के उद्देश्य के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि आज का युवा देश की प्रगति एवं विकास की नीव है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रक्तदान के साथ-साथ सेवा कार्यों भी करना चाहिए। उन्होंने रेडक्रास के प्राथमिक उपचार (फस्र्ट एड) के प्रशिक्षण जो सेन्ट जॉन एम्बुलेंस के अंतर्गत दिया जाता है। यह प्रशिक्षण केवल देश में रेडक्रास ही देता है, इस प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र से युवाओं को कम्पनियों, कारखानो, आदि में रोजगार में आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि विवेकानंदजी की जयंती युवा दिवस पर प्रदेश की जिला रेडक्रास ईकाईयों द्वारा व्यापक रूप से रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया था। साथ ही युवक रेडक्रास के अंतर्गत महाविद्यालयों में रक्तदान के अतिरिक्त विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये थे, जिसमें व्याख्यान, सूर्य नमस्कार, खेलकूद, योग, पोस्टर, निबंध प्रतियोगिता इत्यादि हुये। कई रेडक्रास ईकाई द्वारा स्वच्छता को लेकर भी कार्यक्रम किये। साथ ही आज के दिन भी सुभाषचंद्र बोसजी की जयंती पर विभिन्न जिला रेडक्रास ईकाईयों में रक्तदान शिविर एवं स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं।
 श्री प्रदीप त्रिपाठी जनरल सेक्रेटरी द्वारा आरकेडीएफ में आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले युवाओं को धन्यवाद ज्ञापित करते हुये कहा कि आपके द्वारा दिये गये रक्त किसी न किसी के जीवन को बचायेगा। उन्होंने कहा कि सिकल सेल एवं थैलेसिमिया एक खातक बीमारी है, इन बीमारी से पीड़ितों को रक्त की आवश्यकता होती है। आमजन एवं युवाओं द्वारा किये जाने वाले रक्त का उपयोग रेडक्रास द्वारा सिकल सेल एवं थैलेसिमियाा की बीमारी से पीड़ित मरीजों को मुफ्त में दिया जाता है। उन्होंने बताया कि क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित मरीजों के लिये भी रेडक्रास द्वारा व्यापक रूप से अभियान चलाया जा रहा है जिसमें निःक्षय मित्रों की अहम भूमिका है। अभी हाल ही में जिला रेडक्रास कटनी रेडक्रास के कोषाध्यक्ष शशांक श्रीवास्तव की पहल से जिला कटनी के सदस्यों ने क्षय रोग से पीड़ित व्यक्तियों के लिये रूपये 33600/-दान स्वरूप दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह प्रदेश की 20 रेडक्रास जिला शाखाओं में 737 निःक्षय मित्र बने हैं। 

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