बागेश्वर धाम सरकार पर अपनी उंगली उठाने वाले पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखो



हम सनातन धर्म के पक्षधर हैं बाबा बागेश्वर धाम सरकार के ऊपर जो उंगलियां उठाई गए हैं वह गलत है जिन्होंने उंगलियां उठाई है उनकी की सोच गलत है, मनसा गलत है, जहां तक मेरा मानना है धीरेंद्र शास्त्री जी ने, कभी किसी के खिलाफ कोई ऐसी टिप्पणी नहीं की जिससे विरोध उत्पन्न हो, कोई ऐसा कृत्य नहीं किया जिससे जनमानस में भय और आतंक की स्थिति बने, उन्होंने अपने प्रवचनों से अपनी वार्ता से लोगों को जोड़ने का काम किया है, लोगों के मन में हिंदुत्व के प्रति निष्ठा जगाई है ईश्वर के प्रति श्रद्धा जगाई है अच्छे कर्म करने के लिए प्रेरित किया है लोगों को मानसिक शांति दी है डिप्रेशन में रहने वाला व्यक्ति यदि अच्छा जीवन जीने लगे तो क्या बुराई है, व्यक्ति को संतोष देना और व्यक्ति को मानसिक सुकून और शांति मिल जाए ऐसी वार्तालाप करना क्या गुनाह है? लेकिन कुछ लोग जो समाज में ,देश में, असंतोष  फैलाते हैं, और सोचते हैं लोग हमेशा परेशान रहें, इस सोचके लोगों को झेल नहीं पाते इनके अच्छे कर्मों से चिडने लगते हैं ,और दुष्प्रचार करने लगते हैं ,हम बागेश्वर धाम सरकार की उस गद्दी को प्रणाम करते हैं और वीरेंद्र शास्त्री जी के सनातन धर्म और हिंदुत्व को जोड़ने की उस बात का सम्मान और आदर करते हैं जिन्होंने उस क्षेत्र को रोशन किया है कई ऐसे लोगों को जिनको भरपेट भोजन नहीं मिलता था भोजन करने का और कार्य करने का अवसर दिया है, उस स्थान को चमन बना दिया, आज कई गरीब परिवारो को रोजगार मिला हुआ है, जो गलत रास्ते पर चल रहे थे युवा चोरी डकैती लूटपाट के चक्कर में फंसे थे वह सही रास्ते पर आ गए ,सही सोच उनके अंदर विकसित हो गयी, धर्म के प्रति आस्था और विश्वास व्यक्ति को गलत कृत्य करने से रोकता है और यह अलख जगाने का काम पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी ने किया है वैसे भी आज हम सनातन धर्म और संस्कृति को बचाने की बात करते हैं तो आम मंच से हमारी बात नहीं सुनी जाती लेकिन जो खास मंच से पंडित धीरेंद्रशास्त्री जी कहते हैं उनकी बातों को लोग गंभीरता से सुनते हैं, समझते हैं और अमल में लाते हैं, इसी प्रकार के सत्संग ,प्रवचन के माध्यम से  लोगों की चेतना जागृत करने की आज आवश्यकता है, जो हम और आप नहीं कर सकते, ईश्वर निर्धारित करते हैं ऐसा काम कौन करेगा ,हम ऐसे धर्म गुरुओं को प्रणाम करते हैं, और करना भी चाहिए, आज तक उन्होंने ऐसी कोई बात अपने मन से नहीं करी जिससे व्यक्ति दिशाहीन हो, भय और आतंक का वातावरण बने, फिर विरोध किस बात का ?, उन्होंने कई बेटियों का विवाह करवाया है, भूखे पेटों को खाना उपलब्ध कराया है ,और गरीबी के कारण  जो बच्चे स्कूल नहीं जा पाते उन बच्चों को स्कूल जाने का रास्ता दिखाया है ,और मदद की है, आम व्यक्ति जो परेशान है मानसिक रूप से, उसे उसी तरह का ट्रीटमेंट देकर और नई जिंदगी और नई रास्ता दिखा कर उसके मन में उत्साह जागृत करने का यदि काम वह कर रहे हैं तो लोगों को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, हम तो यह भी कहते हैं कि हमारे समझाने प्रवचन देने और प्रेरणा देने से कोई ठीक हो जाता है अच्छी सोच उसके मन में डिवेलप हो जाती है और वह समाज में अच्छा काम करने के लिए निकल पड़ता है अपने परिवार को समाज को और देश को खुशहाल जीवन देने की प्रेरणा बन जाता है तो हमें समर्थन ही करना चाहिए विरोध नहीं, अच्छे कामों का जो विरोध करता है वह विद्रोही होता है ,व समाज और देश के लिए घातक होता है, करोना काल के बाद कई परिवार ऐसे हैं जो टूट कर बिखर चुके हैं वहां मानसिक शांति नहीं है लोग उम्मीद छोड़ चुके हैं बागेश्वर धाम सरकार लोगों की उम्मीद है,पं धीरेन शास्त्री जी अपने प्रवचन से अपनी बातों से लोगों के अंदर उत्साह उमंग और चेतना जागृत क करने का बीड़ा उठाया है जिससे व्यक्ति में जीने की अभिलाषा होती है ,और कुछ करने की प्रेरणा मिलती है, मैं कभी गई नहीं लेकिन उस दरबार को अपने स्थान से प्रणाम करती हूं, जहां तक मैंने सुना और समझा है उन्होंने व्यक्ति को गुमराह नहीं किया उनके प्रवचन उनके सत्संग मैंने भी टीवी पर और सोशल मीडिया पर देखे हैं मुझे कहीं कोई आपत्तिजनक या भ्रामक बात नहीं नजर आई, मैंने यह जरूर देखा कि जो निराश, हताश और परेशान होकर उस दरबार में गया वह स्वच्छ मन से उत्साहित होकर वापस आया, आज हमारे देश को स्वच्छ मानसिकता की आवश्यकता है शक्ति संपन्न व्यक्तियों की आवश्यकता है हताश परेशान और लाचार व्यक्ति देश को कमजोर बनाने का काम करते हैं , आज हमारे परिवार समाज और देश को उत्साहित और स्वच्छ मस्तिष्क वाले लोगों की आवश्यकता है ईश्वर ने कुछ ही लोगों को ऐसी प्रेरणा देकर भेजा है जो समय-समय पर अपने विचारों अपने प्रवचन और सत्संग से लोगों को साधने मजबूत बनाने का काम करते हैं जिससे परिवार और समाज एक जुट रहता है टूटता नहीं है। वह आस्था और विश्वास का दरबार है जिसको चुनौती नहीं दी जानी चाहिए , । हम हमेशा गलत का विरोध करते हैं लेकिन अगर समाज को परिवार को और देश को जो जोड़ने का काम करता है उसके साथ खड़े, हैं और खड़े रहेंगे , जय श्री राम।


लेखक
वंदना द्विवेदी , एडवोकेट

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