वसुधैव कुटुंबकम की भावना दुनियां में पहुंचा रहा है भारत : कुलपति प्रो के.जी. सुरेश,

 
O युवा पत्रकार अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की कमी को पूरा करें - प्रो सचिन चतुर्वेदी
O यूनिवर्सिटी कनेक्ट प्रोग्राम भावी भविष्य –  एस.टी. देवरे

 पत्रकारिता विश्वविद्यालय में जी-20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट व्याख्यानमाला संपन्न
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भोपाल। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, रिसर्च एंड इंफोर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्त्वाधान में जी-20 युनिवर्सिटी कनेक्ट - इंगेजिंग यंग माइंड्स श्रृंखला के अंतर्गत विशेष व्याख्यानमाला का आयोजन मंगलवार को भोपाल में समपन्न हो गया । 
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के बिशनखेड़ी परिसर के गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार में आयोजित इस व्याख्यान माला में अंतर्राष्ट्रीय समूह जी-20 के कई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और भोपाल के विश्वविद्यालयीन युवाओं के साथ संवाद किया। 
एमसीयू के कुलपति प्रो. के.जी. सुरेश ने व्याख्यानमाला के स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह गर्व की बात है कि जी-20 की अध्यक्षता में भारत अपने पूर्वजों की अवधारणा वसुधैव कुटुंबकम की भावना को दुनिया में पहुंचाने में सफल होगा, इसी से अभिप्रेरित है जी-20 की इस वर्ष की थीम “एक पृथ्वी- एक परिवार- एक भविष्य” । देश के 75 विश्वविद्यालयों में एमसीयू को इस आयोजन के लिए चुना जाना सम्मान की बात है। 
इस व्याख्यानमाला में श्री सचिन चतुर्वेदी जी ने भारत में अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की कमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पत्रकारों की अनुपस्थिति पर चिंता व्यक्त की, उन्होंने कहा कि युवा पत्रकार इस कमी को पूरा कर सकते हैं।
साउथ अफ्रीकन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स की सीईओ प्रो. एलिजाबेथ ने विभिन्न विश्वविद्यालय से आए युवाओं को संबोधित करते हुए कहा की युवा भविष्य के नहीं वर्तमान के नागरिक हैं । जी-20 समूह से जुड़कर सभी देश भागीदारी से ज्वलंत मुद्दों और समस्यायों का समाधान कर सकते हैं।
आरआईएस की रिसर्च एडवारजरी काउंसिल के चेयरमैन एम्ब.एस.टी. देवरे ने कहा कि जी-20 विकाशशील देशों के लिए अच्छा अवसर है, उन्होंने कोविड, क्लाइमेट चेंज, कॉन्फ्लिक्ट्स जैसे मुद्दों के समाधान में जी-20 की भूमिका पर बात कही।
जागरण लेकसिटी युनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. संदीप शास्त्री ने कहा कि जी-20 के माध्यम से हम मानव केंद्रित विश्व बनाना चाहते हैं, जिसमें युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, युवाओं को इस वैश्विक मंच के लिए सेतु का काम करना चाहिए।
इंटरनेशनल एक्सचेंज एंड कोआपरेशन इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड इकोनोमिक्स रिसर्च ब्राजील के कोऑर्डीनेटर डॉ. ऑन्द्रे डिमेलो इसूजा ने भी व्याखायान माला को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व जी-20 की सकारात्मक और प्रभावी भूमिका देख रहा है।
कार्यक्रम में जी-20 युनिवर्सिटी कनेक्ट - इंगेजिंग यंग माइंड्स कार्यक्रम में मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के को-आर्डीनेटर कन्हैया आहूजा एवं अली सैयद भी उपस्थित थे। इस अवसर पर G-20 को लेकर क्विज समेत कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई , जिसके विजेताओं की घोषणा कार्यक्रम के अंत में कुलपति प्रो. सुरेश ने की । व्याख्यानमाला से पूर्व विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.जी. सुरेश ने सभी प्रतिनिधिमंडल और वक्ताओं का तुलसी का पौधा, शॉल और विश्वविद्यालय के प्रतीक चिन्ह से स्वागत किया । कार्यक्रम का संचालन प्रो. डॉ. पी. शशिकला ने किया और आभार कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. मणि नायर ने किया। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. अविनाश वाजपेयी एवं विश्वविद्यालय के विद्यार्थी शिक्षक एवं अन्य विद्यालयों के विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित थे।

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