कांग्रेस और कमलनाथ से माफी मांगे फग्गन सिंह कुलस्ते: विभा पटेल

कांग्रेस और कमलनाथ के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग 
करना कुलस्ते का बेशर्म आचरण: विभा पटेल

भोपाल । मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर विभा पटेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि मोदी सरकार के मंत्री शालीनता और गरिमा भूलते जा रहे हैं। राजनीतिक मर्यादा और भाषा के चरित्र का भी इन्हें अहसास नहीं है। यहीं कारण है कि वे अमर्यादित भाषा का उपयोग कर रहे हैं। इसका उदाहरण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा केंद्रीय इस्पात ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का एक वीडियो है। वीडियो में फग्गन सिंहकुलस्ते कर्जमाफी पर चर्चा करते हुए कांग्रेस और श्रद्धेय पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम लेते हुए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते सुनाई दे रहे हैं। कुलस्ते का ये आचरण बेशर्मी का प्रतीक है। उन्हें तत्काल कांग्रेस पार्टी और  कमलनाथ से माफी मांगना चाहिए। 
श्रीमती पटेल ने कहा कि सिर्फ इतना ही नहीं, कुलस्ते के अलावा प्रदेश में शिवराज सिंह चौरान के कुछ मंत्री जैसे नरोत्तम मिश्रा, विश्वास सारंग, उषा ठाकुर, विजय शाह आदि भी कई बार असभ्य शब्दों एवं भाषा का उपयोग करते हुए नजर आए हैं। दरअसल भाजपाई, आदरणीय राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से बौखला गए हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव और वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा सरकार की हार तय है। जनता इन्हें कुर्सी से बेदखली करेगी। कुर्सी प्रेम में भाजपाई अमर्यादित आचरण कर रहे हैं, जिसकी दूषित मानसिकता अब उजागर हो रही है। विभा पटेल ने कहा कि कांग्रेस का चरित्र सम्मान, सेवा, सद्भाव, त्याग और बलिदान का है। कांग्रेस किसी पर भी राजनीतिक दुर्भावना से लांछन नहीं लगाती है। वैसे भी हमारी भारतीय संस्कृति व सभ्यता विश्व की सर्वाधिक प्राचीन एवं समृद्ध है। जीने की कला हो, विज्ञान हो या राजनीति का क्षेत्र भारतीय संस्कृति का सदैव विशेष स्थान रहा है। अन्य देशों की संस्कृतियाँ तो समय की धारा के साथ-साथ नष्ट होती रही हैं, किंतु भारत की संस्कृति व सभ्यता आदिकाल से ही अपने परंपरागत अस्तित्व के साथ अजर-अमर बनी हुई है। लेकिन भाजपाईयों को शायद इसका अहसास नहीं है। इस कारण असभ्यता का परिचय दे रहे हैं, ये शर्मनाक है। 
श्रीमती पटेल ने कहा कि भाजपाईयों को जानना होगा कि भारत विविधता में एकता का देश है जहां विभिन्न संप्रदायों, जाति और धर्म के लोग एक साथ रहते हैं। भारत को विविधता में एकता का देश भी कहा जाता है, क्योंकि एक ही समाज में रहने के लिए लोगों के विभिन्न समूह एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं। विविधता में एकता ही भारत की ताकत बन गई है। राजनीतिक व्यक्ति सामाजिक एवं शिष्टाचार की गरिमा का खास ख्याल रखते हैं। लेकिन ये गुण भाजपाइयों में दिखाई नहीं देता। 


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