कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री भार्गवइन्वेस्टर्स समिट में जीआई टेगिंग के लिये हुआ त्रि-पक्षीय अनुबंध

जीआई टेगिंग से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को मिलेगी नई पहचान 
: भोपाल ! मध्यप्रदेश के स्थानीय उत्पाद जीआई टेगिंग के माध्यम से अब अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में अपने नाम से जाने-पहचाने जा सकेंगे। इसके लिये बुधवार  को इंदौर में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में भारत शासन, वस्त्र मंत्रालय की टेक्सटाइल कमेटी, मध्यप्रदेश संत रविदास हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम मध्यप्रदेश शासन तथा नाबार्ड के बीच त्रिपक्षीय अनुबंध किया गया है। लोक निर्माण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री गोपाल भार्गव की उपस्थिति में यह एमओयू सम्पन्न हुआ। इस पर एमडी नाबार्ड निरूपम मेहरोत्रा, अपर सचिव मध्यप्रदेश शासन कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग मनोज खत्री, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम अनुभा श्रीवास्तव और टेक्सटाइल कमेटी की ओर से तपन राऊत ने हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर प्रमुख सचिव कुटीर एवं ग्रामोद्योग मनु श्रीवाास्तव, टेक्सटाइल कमिश्नर भारत सरकार रूप राशि भी उपस्थित थीं।
इस अवसर पर कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि जीआई टेगिंग के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय शिल्पकारों और बुनकरों के उत्पादों को नई पहचान और राष्ट्रीय के साथ अंतर्राष्ट्रीय मार्केट उपलब्ध हो सकेगा।
इस अनुबंध के अनुसार टेक्सटाइल कमेटी द्वारा जीआई टेगिंग के लिये उत्पादों का चिन्हांकन एवं प्रचार-प्रसार किया जायेगा। नाबार्ड इन उत्पादों के लिये वित्तीय व्यवस्था करेगा। इन कार्यों में कुटीर एवं ग्रामोद्योग स्थानीय शिल्पियों के साथ समन्वय स्थापित कर मध्यप्रदेश के उत्पादों का संरक्षण और प्रचार-प्रसार करेगा। 
नांदना प्रिंट और पंजादरी को मिलेगा जीआई टेग
इन्वेस्टर्स समिट के दौरान तारापुर जिला नीमच के नांदना प्रिंट एवं जोबट जिला अलीराजपुर की पंजादरी को जीआई टेगिंग प्रदान करने के प्रस्ताव पर टेक्सटाइल कमेटी भारत सरकार और मध्यप्रदेश संत रविदास हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम द्वारा हस्ताक्षर किये गये। साथ ही प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना चुके रिटेल चाय आउटलेट ‘‘चाय सुट्टा बार’’ और प्रजापति समाज के मध्य अनुबंध किया गया। इस पर सुट्टा बार की ओर से अभिनव दुबे और पूरनलाल प्रजापति ने हस्ताक्षर किये।

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