उज्जैन प्रेस को संबोधित करते NMOPS राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पेंशन व निजीकरण पर अपनी राय रखी



उज्जैन । उज्जैन में रविवार 8 जनवरी 2023को वरिष्ठ एवं पेंशन महाकुंभ का आयोजन पेंशन बहाली को लेकर आयोजित किया गया जिसमें हजारों की संख्या में कर्मचारी अधिकारी शामिल हुए।इस दौरान  द्वारा प्रेसवार्ता आयोजित की गई जिसमें वरिष्ठ एवं पेंशन महाकुंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु, मुख्य अतिथि स्थित प्रजन्ना राष्ट्रीय महा सचिव विशिष्ट अतिथि, अमरीक सिंह  राष्ट्रीय अध्यक्ष संयुक्त EANDSR (रेलवे), विवेश खांडेकर प्रदेश अध्यक्ष महाराष्ट्र के विशिष्ट अतिथि एवं परमानंद डेहरिय कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये NMUS 2 के प्रांतीय पदाधिकारी एवं मध्यप्रदेश के अन्य विभागों के प्रांत अध्यक्षों जिसमें राज्य के 52 विभाग एवं केन्द्रीय कर्मचारी सम्मिलित है जिसमें लगभग 25 हज़ार की संख्या में उपस्थित हुए। उज्जैन महाकाल की नगरी में पेंशन बहाली की आवाज-प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक पहुंचायेंगे ।
 वरिष्ठ एवं पेंशन महाकुंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु, ने बताया कि भारत सरकार ने शायद पे एवं मध्यप्रदेश सरकार ने 2005 में पुरानी पेंशन बड़ा कर NAS नेशनल हायर पेंशन (स्कीम लागू की है, जिसमें म.प्र. के 8 लाख अधिकारी, कर्मचारी प्रभावित हैं। यह स्क्रीन शेयर बाज़ार आधारित है सभी सेवानिवृत हो रहे अधिकारी कर्मचारी को 425 से 300 रुपये तक पेंशन प्राप्त हो रही है जिससे परिवार का जीवन निर्वाह करना मुश्किल हो रहा है। प्रदेश के समस्त एन. पीएस. कर्मचारियों की मांग है कि एन.पी. एस योजना बंद कर मप्र सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 को लागू करते हुऐ पुरानी पेंशन योजना पुनः बहाल की जावे। (म०प्र० शासन के उपक्रम एंव स्वायत संस्थान सहित) साथ ही प्रदेश में कार्यरत नवीन शिक्षण संवर्ग के शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता का लाभ पेंशन और ग्रेच्युटी में दिया जावे।


उल्लेखनीय है कि मप्र में 6.5 लाख अधिकारी/कर्मचारियों के लिए एनपीएस योजना लागू की गई है। यह नेशनल पेंशन स्कीम (N.AS). शेयर मार्केट और एन्यूटी की व्याज दर पर आधारित है जिसमें पेंशन की न तो कोई निश्चित गारंटी है और न ही इससे प्राप्त पेंशन राशि आत्मनिर्भर जीने के योग्य हैं। इस पेंशन की राशि में महगाई के साथ कोई वृद्धि भी नहीं होती है। एन. पी. एस. पेंशन योजना में सेवानिवृत्ति पर पाँच सौ हजार से लेकर 3 हजार रूपये पेंशन प्राप्त हो रही है। कर्मचारी की मृत्यु पर परिवार पेंशन इससे भी कम प्राप्त होती है जिससे आश्रित परिवार के सामने घोर वित्तीय संकट आ जाता है।  

0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post