आदिवासी की जमीन पर अवैध खनन मामले में शासन प्रशासन मौन क्यों: संगीता शर्मा

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी, भोपाल
मुआवजा और कार्रवाई के लिए दर-दर भटक को मजबूर आदिवासी परिवार, क्यों किया जा रहा प्रताडित ?

भोपाल । प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की उपाध्यक्ष संगीता शर्मा ने कहा है कि आदिवासियों के वोट हड़पने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार ने पेसा एक्ट लागू कर दिया। भगवान बिरसा मुंडा को भी आदिवासियों को रिझाने के लिए माध्यम बनाया, लेकिन आदिवासियों के साथ प्रदेश में कैसा व्यवहार हो रहा है, यह हर दूसरे दिन सामने आ जाता है। ताजा मामला बरही तहसील का सामने आया है, जहां के बिचपुरा गांव में आदिवासी की जमीन पर दबंगों ने अवैध उत्खनन कर वहां खदान बना दी, अब पीड़ित किसान कार्यवाही के लिए दर-दर भटक रहा है लेकिन उसकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। आदिवासी किसान उस जमीन पर खेती भी कर नहीं सकता।
   सुश्री शर्मा ने कहा कि उक्त आदिवासी किसान की एक एकड़ से अधिक जमीन पर बिना लीज के उत्खनन होता रहा, आदिवासी शिकायत करता रहा, लेकिन जिम्मेदार मौन बने रहे। इस शिकायत से ही पता चलता है कि बरही क्षेत्र में खनन माफिया कितना प्रभावशाली है। शासन-प्रशासन का संरक्षण ही खनन माफियाओं को कानून हाथ में लेने से नहीं रोकता ।
   विजयराघवगढ़ तहसील के ग्राम करताहरा निवासी आदिवासी रतिया कोल ने कलेक्टर एसडीएम विजयराघवगढ़, तहसीलदार बरही थाना बरही में को भेजी लिखित शिकायत में बताया कि उसकी 5 हेक्टेयर कृषि भूमि बरही तहसील के ग्राम बिचपुरा में है। शिकायत में आरोप लगाया है कि बिचपुरा में संचालित सरोज मिनरल क्रेशर प्लांट के मालिक राहुल गुप्ता व मुकेश गुप्ता द्वारा खसरा नंबर 1037/1/1037/2/1037/3 रकबा 0.34 हेक्टेयर तथा खसरा नंबर 1033, 2.00 हेक्टेयर भूमि में मशीनें लगाकर जबरन अवैध रूप से काले पत्थर का उत्खनन किया। उत्खनन का विरोध करने पर क्रेशर संचालक ने जमीन का नाप कराने की बात कही। राजस्व विभाग से जमीन की नाप कराने पर आवेदक के स्वामित्व लगभग का एक एकड़ जमीन में उत्खनन पाया गया। तब खननकर्ता ने भूमि नष्ट होने के एवज में 8 लाख रुपए का भुगतान करने का वादा किया, लेकिन आज तक भुगतान नहीं किया गया। उलटे पैसे मांगने जब वो गया तो उससे अभद्रता की गई एवं जातिगत अपमानित किया गया। उसने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि उसे धमकी दी गई कि रुपए मांगने दोबारा प्लांट में आया तो कही पता नहीं चलेगा। रतिराम कोल के शिकायत में कहा है जब वह रिपोर्ट लिखाने बरही थाना गया तो एफआईआर दर्ज नहीं गई। कलेक्टर, एसपी से भी शिकायत की गई पर उसकी शिकायत पर कहीं कार्रवाई नहीं हुई। 
सुश्री शर्मा ने मांग की है कि पेसा एक्ट के नाम पर राजनीति करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तत्काल उक्त आदिवासी के साथ न्याय करें। उसकी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दें तथा अवैध उत्खनन करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें, साथ ही आदिवासी को उसका मुआवजा दिलाएं।  मैं महामहिम से कहना चाहती हॅू कि मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा अपराध आदिवासी परिवारों के साथ हो रहे हैं, आदिवासियों की हत्या, उनकी बच्चियों के साथ रैप, गैंग रेप अपहरण के मामले सबसे ज्यादा हो रहे है वे म.प्र. की सरकार को निर्देषित करें। कि ऐसा क्यों हो रहा है एनसीआरबी के आकड़ों भी सत्यता को दखते हुए तत्काल निर्देषित करे।
 

0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post