आईआईएसईआर मोपाल के शोधकर्ताओं ने बहुत सेंसिटिव प्रेसर सेंसरों के लिए ऑर्गेनिक क्रिस्टलाइन मटीरियल्स का विकास किया


ये मटीरियल्स पर्यावरण के लिए सुरक्षित हैं और हेल्थकेयर, इंटेलिजेंट सिस्टम, वियरेबल और सेल्फ- पावर्ड डिवाइसेज़ के लचीले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण डिजाइन करने में उपयोगी होंगे।

भोपाल । भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं शोध संस्थान गोपाल ने एक नया और लचीला ऑर्गेनिक क्रिस्टल विकसित करने में सफलता पाई है जिसके बहुत संसिटिव प्रेसर सर में उपयोगी होने की बड़ी संभावना सामने आई है ये क्रिस्टल आईआईएसईआर भोपाल में विकसित किए गए और किसी यात्रिक विकृति में इन क्रिस्टल की प्रतिक्रिया समझने में विश्विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं से सहयोग दिया है। अन्य उपलब्ध मटीरियल की तुलना में इस मटीरियल से तैयार डिवाइस दबाव में अधिक सेंसिटिव होते है, इसलिए प्रेसर सर टेक्नोलॉजी के मादी विकास के लिए इसमें बड़ी सावना दिखती है। शोध के निष्कर्ष प्रतिष्ठित प्रकाशित किए गए हैं। इस शोधपत्र का सह-लेखन आईआईएसईआर भोपाल के प्रो. दीपक चोपड़ा, मित्रदीप भट्टाचार्जी और उनकी रिसर्च स्कॉलर सुश्री अयतिका हसीजा और लखवीर सिंह के साथ-साथ विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया के डॉ. एमी जे थॉम्पसन डॉ. जॅक के. बलग, डॉ. जॉन सी नैकमुद्री और एसआरएम इंस्टीटयूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ई की मेघा एस.एन. और किरण एम.आर.एम. मंगल ने किया है।

इलेक्ट्रॉनिक्स के काम में ऑर्गेनिक मटीरियल्स उपयोग करने में लोगों की बढ़ रही है। रियल्सचा होनेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे डिस्ले और सेंसर बनाने के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। इन्हें मोड़ कर या फिर घुमा कर डिजाइन तैयार करने में काफी सुविधा होती है। क्रिस्टल खास तौर से कुछ चिकेक्टस और न्यूनतम ग्रेन बाउंड्रीज के चलते इलेक्ट्रॉनिक्स जगत में अपार रखते है। आईआईएसईआर भोपाल और वर्गीसलैंड विश्वविद्यालय मे 4 ट्राइपोथाइल फिनाइल आइसोसाइनेट (सीएफएनसीएस) नामक एक नया ऑर्गेनिक क्रिस्टल विकसित किया है जो इतना है कि इसको मोटा दिवस्ट किया और यल का रूप दिया जा सकता है। अनुसंधान के बारे में आईआईएसईआर भोपाल के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर दीपक चोपड़ा ने बताया, इतने लचीले क्यों जानने के लिए हम मेट्रॉन माइक्सएक्स-रे माप जैसी अत्याधुनिक कम्प्यूटेशन और चुनौतीपूर्ण प्रायोगिक तकनीकों से सीएफएनसीएस का गहन विश्लेषण किया।" क्रिस्टल संरचना के गहन विश्लेषण से पता चला है कि इस अणु के परमाणुओं के ठोरा दाविशेष रूप में व्यवस्थित होने के चलते यह यात्रिक तनाव में भी बिना टूटे मुय और फैल सकती है। इस तरह उच्च दबाव और इम्पेक्ट में भी क्रिस्टल सरचना को अपरिवर्तित रखने में मदद मिलती है। अणुओं के कई दिशाओं में फिसलने की वजह से स्टिल बनने की जटिल गति प्राप्त होती है।

शोधकर्ताओं ने न केवल नए किस्म के ऑर्गेनिक क्रिस्टल में लचीलापन आने की वजह सामने रखी है, बल्कि
बहुत सॉसटिड प्रेसर सेंसर बनाने के लिए इसका सफलतापूर्वक उपयोग भी किया है। रेसिस्टिव पा
प्रेसर सर अपने विद्युत प्रतिरोध में बदलाव आने पर बाय या चाल के अनुसार प्रतिक्रिया करने वाले उपकरण है। पीजो रेसिस्टिव सेसर आमतौर पर किसी भी डिवाइस के सफेंस के नीचे लग होते हैं और सफेस पर दबाव पड़ते ही सक्रिय हो जाते हैं। यह एना छोटा विद्युत आवेश उत्पन्न करता है जिसे प्रॉसेस किया जाता है।

शाम में सहयोगी टीम ने सीएफएनसीएस को पीजी सिस्टिव सेंसर बनाने के लिए एक विद्युत प्रवाह पॉलीमर

पीईटीटीपीएसएस के साथ जोड़ दिया।

प्रो. दीपक चोपड़ा ने कहा कि कम्पोजिट के अंदर में भी

पाजो सिस्टिव प्रतिक्रिया देखी गई। इसके परिणामस्वरूप अन्य जात सिसिटीरियल्स की तुलना में दबाव की एक बड़ी रेंज के तहत इसकी मध्यम दबाव में संसिटिवीटी में न्यूनतम 18 गुना और उन्म दबाव में न्यूनतम 5 गुना सुधार देखा गया है टीम द्वारा विकसित लगी आगेनिक क्रिस्टल पीजा रसिस्ट मटीरियल है क्योंकि

है और इसका उपयोग करना आसान है। आईआईएसईआर भोपाल के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस विभाग में एसिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मित्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "यह मटीरियल तैयार करने में हानिकारक रसायन या फिर अधिक ऊर्जा नहीं इस्तेमाल होगी इसलिए यह पर्यावरण के दृष्टिकोण से बेहत्तर विकला है। 

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